सफर का नाम सुनते ही मन उत्साह से भर जाता है, लेकिन एक छोटी सी चूक पूरे ट्रिप का मजा किरकिरा कर सकती है. अक्सर हम बड़े सामान, जैसे कपड़े और जूतों की पैकिंग में तो घंटों लगा देते हैं, पर उन छोटी और मामूली दिखने वाली चीजों को भूल जाते हैं जो असल में मुसीबत के वक्त हमारी सबसे बड़ी 'लाइफलाइन' साबित होती हैं. चाहे आप पहाड़ों की सैर पर हों या प्रयागराज के माघ मेले की भीड़ में, ये 5 चीजें आपके सफर को सुरक्षित और तनावमुक्त बना सकती हैं. इसलिए बैग की चेन बंद करने से पहले अपनी चेकलिस्ट में इन चीजों को जरूर शामिल कर लें.
1. फोल्डिंग थैला
अक्सर सफर के पहले दिन हमारा बैग बिल्कुल फिट और व्यवस्थित होता है, लेकिन वापसी तक खरीदारी की वजह से उसमें जगह कम पड़ जाती है. इतना ही नहीं, शॉपिंग की हुई चीजें, मंदिर का प्रसाद, या फिर अचानक भीग गए कपड़े और गंदे जूते रखने के लिए एक खाली कपड़े का बैग या फोल्डिंग थैला बहुत जरूरी हो जाता है. यहीं नहीं, होटल में मिलने वाली छोटी पॉलिथीन हर बार काम नहीं आती, ऐसे में यह एक्स्ट्रा बैग आपके सामान को सहेजने में किसी जादू की तरह काम करता है.
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2. पेन और डायरी
आज के डिजिटल जमाने में हम हर छोटी-बड़ी चीज फोन में सेव करते हैं, लेकिन जरा सोचिए कि क्या हो अगर अचानक फोन की बैटरी खत्म हो जाए या नेटवर्क गायब हो जाए? इसीलिए ऐसे वक्त में एक पेन और छोटा नोट पेपर बहुत काम आता है. चाहे किसी स्थानीय गाइड का नंबर लिखना हो, होटल का पता नोट करना हो या फिर किसी बुजुर्ग से रास्ता पूछते समय नक्शा समझना हो, कागज पर लिखी जानकारी कभी धोखा नहीं देती.
3. नकद पैसे
आजकल हम डिजिटल पेमेंट और कार्ड के इतने आदी हो चुके हैं कि जेब में कैश रखना लगभग भूल ही जाते हैं. लेकिन हमें यह याद रखना चाहिए कि दूर-दराज के इलाकों, छोटे ढाबों, स्थानीय रिक्शा या मेलों में आज भी नकद ही सबसे ज्यादा चलता है. इतना ही नहीं, कई बार नेटवर्क की समस्या या मशीन खराब होने पर आप बड़ी मुश्किल में पड़ सकते हैं. इसीलिए अपने पास हमेशा 10, 20 और 100 रुपये के छोटे नोटों का बैकअप जरूर रखें, ताकि छोटे भुगतानों के लिए आपको इधर-उधर भटकना न पड़े.
4. पर्सनल फर्स्ट-एड
अक्सर लोग यह सोचकर ढिलाई बरतते हैं कि सर्दी, जुकाम या सिरदर्द की दवा तो रास्ते में कहीं भी मिल जाएगी. लेकिन हकीकत यह है कि नई जगह पर सही मेडिकल स्टोर ढूंढना और अपनी जरूरत की दवा मिलना उतना आसान नहीं होता. यहीं नहीं, सफर के दौरान पानी या खान-पान बदलने से पेट खराब होना या थकान से बुखार आना एक आम बात है. लिहाजा, अपनी जरूरी दवाओं का एक छोटा किट हमेशा साथ रखें, ताकि किसी भी इमरजेंसी में आपको परेशान न होना पड़े.
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5. पहचान पत्र की फोटोकॉपी
आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस हम जेब में तो रखते हैं, लेकिन अक्सर उनकी फोटोकॉपी साथ ले जाना भूल जाते हैं. इतना ही नहीं, कई बार होटल चेक-इन के वक्त या किसी सुरक्षा जांच के दौरान आपसे फिजिकल कॉपी की मांग की जाती है. बेशक फोन में डिजिटल कॉपी रखना अच्छी बात है, लेकिन एक फोटोकॉपी साथ रखने से आप फोन के बंद होने या किसी तकनीकी खराबी जैसी समस्या से सुरक्षित रहते हैं. यही कारण है कि यह छोटी सी सावधानी इमरजेंसी के वक्त आपकी सबसे बड़ी ताकत बनती है.