साल 2026 की पहली सुबह आगरा के लिए बेहद खास और रौनक भरी रही. जहां एक तरफ कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया, वहीं दूसरी तरफ विश्व धरोहर ताजमहल का दीदार करने के लिए सैलानियों का ऐसा जबरदस्त सैलाब उमड़ा कि पूरा परिसर पर्यटकों से गुलजार हो गया. नए साल की शुरुआत प्यार की इस ऐतिहासिक निशानी के साथ करने की चाह में देश-विदेश से आए पर्यटक कड़ाके की सर्दी के बावजूद भारी उत्साह से भरे नजर आए.
ताज देखने के लिए लगी लंबी कतारें
सुबह तड़के ही ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट पर सैलानियों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं. यही वजह रही कि ठिठुरन भरी सर्दी और कोहरे की सफेद चादर भी पर्यटकों के कदम नहीं रोक पाई. सूरज की किरणें जैसे ही कोहरे की ओट से बाहर निकलने की जद्दोजहद कर रही थीं, वैसे ही टिकट काउंटर पर सैलानियों का उत्साह भी दोगुना होता गया.
पर्यटकों की इस भारी तादाद को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा और व्यवस्था के चाक-चौबंद इंतजाम कर लिए थे. यही वजह रही कि सीआईएसएफ (CISF) और स्थानीय पुलिस के जवान चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद नजर आए, ताकि उमड़ती भीड़ को सुचारू रूप से नियंत्रित किया जा सके और किसी भी सैलानी को असुविधा न हो.
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सुरक्षा की दृष्टि से देखें तो प्रवेश द्वारों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया और पार्किंग स्थलों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती रही, ताकि सैलानियों को सुव्यवस्थित तरीके से प्रवेश मिल सके और व्यवस्था बनी रहे. वहीं अगर मौसम की बात करें तो आगरा में आज सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा, जिसकी वजह से विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम दर्ज की गई. यही कारण था कि दूर से देखने पर ताजमहल कोहरे की धुंध में हल्का धुंधला नजर आ रहा था, लेकिन जैसे-जैसे पर्यटक मुख्य गुंबद के करीब पहुंचते गए, सफेद संगमरमर की असल खूबसूरती उनकी आंखों के सामने निखरती चली गई. देखा जाए तो कोहरे और संगमरमर की यह जुगलबंदी इतनी जादुई थी कि सैलानी उस पर पूरी तरह फिदा हो गए और इस यादगार पल को अपने कैमरों में कैद करने से खुद को रोक नहीं पाए.
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इस सिलसिले के बीच, प्यार की इस निशानी को निहारने आए पर्यटकों के चेहरे पर एक अलग ही खुशी थी. उनका कहना था कि भले ही ठंड कड़ाके की है, लेकिन ताजमहल का दीदार करना उनके लिए नए साल का सबसे हसीन और यादगार तोहफा बन गया है. कुल मिलाकर देखा जाए तो, प्रशासन की मुस्तैदी और सैलानियों के इस जबरदस्त उत्साह ने साल 2026 के पहले ही दिन को आगरा के लिए बेहद शानदार और ऐतिहासिक बना दिया.