आज पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद एक बार फिर खबरों में है. तरलाई इलाके में स्थित इमाम बारगाह खदीजत-उल-कुबरा में जुमे की नमाज के दौरान हुए जोरदार धमाके ने पूरे शहर को हिला दिया. इस हमले में 15 लोगों की मौत और 60 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है. हालात को देखते हुए पूरे इस्लामाबाद में इमरजेंसी लागू कर दी गई है और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं.
ऐसी घटनाओं की वजह से इस्लामाबाद को अक्सर गलत कामों, हिंसा और डर की छवि से जोड़ दिया जाता है. लेकिन सच्चाई ये भी है कि इस्लामाबाद की एक अलग पहचान भी है.. यह शहर घूमने-फिरने, सुकून और खूबसूरती के मामले में पाकिस्तान के सबसे बेहतरीन शहरों में गिना जाता है. यहां इतिहास, आस्था, खानपान और शांति एक साथ महसूस की जा सकती है.
पहाड़ों की गोद में गूंजती अजान मस्जिद
इस्लामाबाद की पहचान कही जाने वाली फैसल मस्जिद शहर की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है. मार्गल्ला हिल्स की गोद में बनी यह मस्जिद अपने अनोखे, सफेद और आधुनिक डिजाइन के लिए जानी जाती है. सूर्यास्त के समय जब मस्जिद रोशनी से जगमगाने लगती है और शाम की अजान गूंजती है, तो पूरा माहौल बेहद सुकून भरा हो जाता है. नमाज के वक्त यहां पहुंचना अपने आप में एक खास अनुभव माना जाता है. यही वजह है कि फैसल मस्जिद सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि इस्लामाबाद की आत्मा भी है.
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पुरानी चीजों और यादों का खजाना
घूमने के साथ खाने का मजा लेना हो तो जी-6 मरकज का मेलोडी फूड पार्क सबसे सही जगह है. यहां ताजा जूस, समोसे, कबाब और गरमागरम पुलाव आसानी से मिल जाते हैं, वो भी ज्यादा खर्च किए बिना. वहीं अगर बाजार देखने का शौक है, तो इतवार बाजार इस्लामाबाद की असली झलक दिखाता है. यहां नई-पुरानी चीजें, कपड़े, जूते और घरेलू सामान बेहद सस्ते दामों पर मिल जाते हैं. यह बाजार न सिर्फ खरीदारी के लिए बल्कि शहर की रोजमर्रा की जिंदगी को समझने के लिए भी खास है.
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प्रकृति की गोद और ऊंचाइयों का सुकून
इस्लामाबाद की सबसे बड़ी खूबी है इसका कुदरत के बेहद करीब होना. मार्गल्ला हिल्स में कई ऐसे हाइकिंग ट्रेल्स हैं, जहां सुबह-शाम लोग टहलते और पहाड़ों की ठंडी हवा का आनंद लेते हैं. इतना ही नहीं, जब आप पीर सोहावा की ओर बढ़ते हैं, तो रास्ते में मिलने वाले छोटे-छोटे ढाबे, कड़क चाय और वहां से दिखने वाले अनंत नजारे इस सफर को जादुई बना देते हैं. इसके अलावा, पीर सोहावा की ऊंचाइयों से जब आप पूरे इस्लामाबाद को देखते हैं, तो एक अलग ही तस्वीर पेश होती है.