आज अगर किसी भारतीय से पूछा जाए कि विदेश घूमने के लिए उसकी पसंदीदा जगहों में कौन सा देश शामिल है, तो थाईलैंड का नाम सबसे पहले लिया जाता है. हालात ऐसे हैं कि थाईलैंड अब भारतीयों के लिए सिर्फ एक विदेशी डेस्टिनेशन नहीं रहा, बल्कि धीरे-धीरे उनका दूसरा घर बनता जा रहा है. बैंकॉक की चकाचौंध हो या फुकेत और कोह समुई के शांत समंदर किनारे, हर जगह भारतीय सैलानी बड़ी संख्या में नजर आते हैं. सस्ते ट्रैवल पैकेज, आसानी से मिलने वाला वीजा और वहां की लग्जरी लाइफस्टाइल ने भारतीय पर्यटकों के बीच थाईलैंड की लोकप्रियता को लगातार बढ़ाया है.
थाईलैंड अब पर्यटन के मोर्चे पर 2026 के लिए बड़ा लक्ष्य लेकर चल रहा है. देश की योजना है कि वह 2026 तक 3.6 करोड़ से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करे. इस लक्ष्य को हासिल करने में भारत को थाईलैंड एक बेहद अहम बाजार मान रहा है. आंकड़े बताते हैं कि साल 2025 के मध्य से पहले ही थाईलैंड पहुंचने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या 10 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है, जिसे पर्यटन क्षेत्र में मजबूत रिकवरी का संकेत माना जा रहा है.
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क्यों थाईलैंड की ओर खिंच रहे हैं भारतीय?
हर साल लाखों भारतीय सैलानियों को थाईलैंड की ओर आकर्षित करने के पीछे सबसे बड़ी वजह है वहां की विविधता. साल 2024 इस रिश्ते के लिए अहम साबित हुआ, जब 21 लाख से ज्यादा भारतीय पर्यटकों ने थाईलैंड की यात्रा की. 2025 में यह रफ्तार और तेज हुई है और शुरुआती रुझान बता रहे हैं कि 2026 में भी यह सिलसिला थमने वाला नहीं है. थाईलैंड सरकार का मानना है कि 2026 में 3.67 करोड़ पर्यटकों का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब भारत से आने वाले सैलानियों की संख्या इसी तरह बढ़ती रहेगी.
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बदलती तस्वीर यह भी है कि भारतीय अब थाईलैंड को सिर्फ घूमने-फिरने की जगह के तौर पर नहीं देख रहे हैं. समुद्र किनारे होने वाली भव्य डेस्टिनेशन वेडिंग्स के लिए थाईलैंड भारतीयों की पसंदीदा जगहों में शामिल हो चुका है. इसके साथ ही वर्ल्ड-क्लास मेडिकल टूरिज्म, लग्जरी शॉपिंग, फैमिली-फ्रेंडली ट्रिप्स और वेलनेस रिट्रीट्स ने भी भारतीय पर्यटकों के बीच थाईलैंड की पकड़ को और मजबूत किया है.