अक्सर जब हम घूमने निकलते हैं, तो बड़े होटलों की चकाचौंध और सुविधाओं में खो जाते हैं. लेकिन सच तो यह है कि किसी शहर या गांव की असली रूह वहां के आलीशान कमरों में नहीं, बल्कि वहां के लोगों के घरों में बसती है. अगर आप भी होटलों की वही घिसी-पिटी सर्विस से बोर हो चुके हैं और कुछ नया महसूस करना चाहते हैं, तो होमस्टे आपके लिए बेस्ट है. होमस्टे का मतलब सिर्फ एक कमरा किराये पर लेना नहीं है, बल्कि एक नए परिवार का हिस्सा बन जाना है. इन खास तरीकों को अपनाकर अपनी अगली ट्रिप को एक साधारण सफर के बजाय उम्र भर की यादगार कहानी में बदला जा सकता है.
मेजबान को दोस्त बनाएं और वहां के रंग में रंग जाएं
होमस्टे में ठहरने का सबसे बड़ा सुख ही यही है कि यहां आपको वहां की संस्कृति को किसी फिल्म की तरह दूर से नहीं, बल्कि एकदम करीब से महसूस करने का मौका मिलता है. शाम की चाय मेजबान परिवार के साथ उनके आंगन में बैठकर पिएं और बातों-बातों में वहां के पुराने रीति-रिवाजों और रोजमर्रा की जिंदगी के अनसुने किस्से जानें. यहां खाने के लिए मेनू कार्ड टटोलने के बजाय, घर के चूल्हे पर बनी गरमा-गरम रोटियां का स्वाद चखकर देखें. यकीन मानिए, सादगी से भरा यह देसी जायका आपको किसी फाइव स्टार होटल के महंगे पकवानों में भी नहीं मिलेगा.
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सिर्फ मेहमान न बनें, वहां के काम में हाथ बंटाएं
अगर आप किसी ग्रामीण इलाके में हैं, तो सुबह जल्दी उठकर खेतों की सैर पर निकल जाएं. खेतों में बुवाई या कटाई में हाथ बंटाएं या जानवरों की देखभाल करना सीखें, यह अनुभव आपको जिंदगी की सादगी से जोड़ देगा. उनके साथ वहां के स्थानीय साप्ताहिक बाजार यानी 'हाट' में जाएं. वहां की भीड़भाड़ और रंग-बिरंगी चीजों के बीच आपको उस जगह की असली झलक मिलेगी. अगर हो सके, तो घर के रसोइए से वहां का कोई पारंपरिक व्यंजन बनाना भी सीख लें.
होमस्टे मालिक के अनुभव का उठाएं फायदा
होटल के गाइड आपको वही जगह दिखाएंगे जहां सब जाते हैं, लेकिन होमस्टे के मालिक आपको उन छिपे हुए झरनों, पुराने ट्रेकिंग रास्तों और खूबसूरत नजारों तक ले जा सकते हैं जिनके बारे में गूगल मैप्स को भी शायद पता न हो. पड़ोसियों से मिलें, उनके साथ गप्पे मारें और उनकी कहानियां सुनें. यही वो छोटे-छोटे पल हैं जो आपकी यात्रा को औरों से अलग और खास बनाते हैं.
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नियमों का सम्मान और दिल से जुड़ाव
हर घर के अपने कुछ कायदे-कानून होते हैं, उनका सम्मान करें. जैसे जूतों को बाहर उतारना या खाने के तय समय का पालन करना. शुरुआत में शायद आपको थोड़ा अजीब लगे, लेकिन अगर आप खुले दिल और हंसी-मजाक के साथ पेश आएंगे, तो आप बहुत जल्दी उस परिवार के चहेते बन जाएंगे. साथ ही, वहां की ईको-फ्रेंडली जीवनशैली, जैसे सौर ऊर्जा का उपयोग या जैविक खेती को समझें और अपनाएं. होमस्टे में रुककर आप सिर्फ एक टूरिस्ट नहीं रह जाते, बल्कि उस छोटे से समाज का हिस्सा बन जाते हैं. यही जुड़ाव आपके सफर को यादगार और आपकी रूह को सुकून देता है.