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कनाडाई व्लॉगर्स ने मुंबई को दिए 100 नंबर तो दिल्ली को 0, वजह जानकर होंगे हैरान

कनाडा के मशहूर ट्रैवल व्लॉगिंग कपल स्टीव और इवाना की भारत यात्रा चर्चा में है. उन्होंने मुंबई को 100 और दिल्ली को 0 रेटिंग देकर नई बहस छेड़ दी है. जानें उन्होंने दोनों शहरों को ऐसी रेटिंग क्यों दी.

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स्टीव और इवाना को मुंबई के लोगों का बर्ताव बहुत पसंद आया. (Photo: ITG)
स्टीव और इवाना को मुंबई के लोगों का बर्ताव बहुत पसंद आया. (Photo: ITG)

सोचिए कि आप हजारों मील दूर किसी दूसरे देश से भारत घूमने आएं और कई शहर घूमें. लेकिन उन शहरों में घूमने का आपका अनुभव बिल्कुल अलग हो कि आप एक को स्वर्ग कहें और दूसरे को जीरो. भारत घूमते वक्त कुछ ऐसा ही अनुभव रहा कनाडा के मशहूर ट्रैवल व्लॉगिंग कपल स्टीव और इवाना का. उन्होंने जब हाल ही में भारत ट्रैवल किया तब उन्होंने मुंबई और दिल्ली की तुलना की और दोनों शहरों को रेटिंग दी. स्टीव और इवाना द्वारा दी गई रेटिंग में इतना अंतर था कि सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. चलिए जानते हैं दोनों को ट्रैवल एक्पीरियंस कैसा रहा और उन्हें दिल्ली अच्छा लगा या मुंबई. 

मुंबई कैसा लगा?
अपने इंस्टाग्राम पर शेयर की गई वीडियो में स्टीव ने मुंबई को लेकर बहुत दिलचस्प बात कही कि, 'मुंबई में किसी को फर्क ही नहीं पड़ता कि मैं यहां हूं, लेकिन दिल्ली में मैं जैसे मैग्नेट बन गया था.'

मुंबई की ऐतिहासिक गलियों में घूमते हुए उन्हें बहुत अच्छा लगा. स्टीव को ऐसा खास एहसास हुआ कि वो आजादी से घूम पा रहे थे क्योंकि वहां के लोग उनपर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे थे.  उन्होंने कहा, 'मुंबई की एनर्जी बहुत वाइल्ड है.' यहां बहुत हलचल, भीड़ और शोर है. सड़कों पर दौड़ते वाहनों के हॉर्न की आवाज है, लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें वहां फ्रीडम महसूस हुई.

उनके मुताबिक, 'एक टूरिस्ट के तौर पर मुंबई में आप खुद को इनविजिबल महसूस करते हैं… किसी ने उन्हें जरा सा भी परेशान नहीं किया.'

उनकी पत्नी इवाना को भी मुंबई पसंद आया और वो बहुत खुश भी नजर आईं. उन्हें मुंबई ऐसा शहर लगा, जहां आप भीड़ में रहकर भी किसी का ध्यान नहीं खींच पाते हैं और सब कुछ देख भी सकते हैं. उन्होंने इसे फ्लाई ऑन द वॉल कहा.

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स्टीव को मुंबई की इमारतें भी बहुत पसंद आईं. उन्होंने बताया कि शहर के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग इतिहास दिखता है. कहीं ब्रिटिशर्स के जमाने की बिल्डिंग्स हैं, तो कहीं की इमारतों पर पुर्तगाली असर देखने को मिलता है. यही बदलाव मुंबई को और खास बनाता है. हालांकि, उन्होंने ये भी माना कि मुंबई में रहना आसान नहीं है. 

दिल्ली को लेकर क्या कहा?

दिल्ली के बारे में स्टीव का अनुभव मुंबई से बिल्कुल उल्टा रहा और उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यहां सभी लोग घूर रहे थे. यहां उन्हें मुंबई की तरह घूमते वक्त आजादी नहीं मिली. उनके मुताबिक, 'दिल्ली में मैं जैसे मैग्नेट बन गया था, हर कोई मेरे आसपास आ रहा था और मुझे देख रहा था.'

यानी जहां मुंबई में उन्हें किसी ने खास ध्यान नहीं दिया, वहीं दिल्ली में लोग उन्हें बार-बार नोटिस कर रहे थे और उनके आसपास इकट्ठा हो रहे थे. उनके लिए ये एक्सपीरियंस अच्छा नहीं था, जिसे नजरअंदाज करना उनके लिए मुश्किल था.

दिल्ली और मुंबई को दी कितनी रेटिंग?
स्टीव और इवाना ने टूरिस्ट एक्सपीरियंस के मामले में उन्होंने मुंबई को 100 और दिल्ली को 0 रेटिंग दी. उन्हें मुंबई में घूमना और वहां लोग जहां बहुत पसंद आए, वहीं दिल्ली के लोग उन्हें ओवरफ्रेंडली लगे.

स्टीव का एक्सपीरियंस यही दिखाता है कि हर ट्रैवलर की पसंद अलग होती है. कोई नए लोगों से मिलना-जुलना और बातचीत करना पसंद करता है, तो कोई शांत माहौल और प्राइवेसी चाहता है. इसी वजह से ये दिल्ली और मुंबई के बीच की गई ये तुलना पूरी तरह पर्सनल है.   

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