तिनसुकिया (Tinsukia) जिला असम के पूर्वी हिस्से में स्थित एक महत्वपूर्ण जिला है. यह ब्रह्मपुत्र घाटी के ऊपरी भाग में आता है और अपनी चाय बागानों, तेल उद्योग और प्राकृतिक संपदा के लिए जाना जाता है. जिले का मुख्यालय तिनसुकिया शहर है, जो व्यापार और परिवहन का प्रमुख केंद्र माना जाता है.
भौगोलिक रूप से यह जिला अरुणाचल प्रदेश की सीमा के करीब स्थित है, जिससे इसका सामरिक और आर्थिक महत्व बढ़ जाता है. यहां दिहिंग, डिब्रू और ब्रह्मपुत्र जैसी नदियां बहती हैं, जो क्षेत्र की कृषि और जैव विविधता को समृद्ध बनाती हैं.
तिनसुकिया की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से चाय उद्योग, तेल और प्राकृतिक गैस उत्पादन पर आधारित है. डिगबोई क्षेत्र एशिया की सबसे पुरानी रिफाइनरी के लिए प्रसिद्ध है. इसके अलावा कृषि, विशेषकर धान की खेती, स्थानीय लोगों की आजीविका का प्रमुख साधन है.
जनसंख्या की बात करें तो 2011 की जनगणना के अनुसार तिनसुकिया जिले की आबादी लगभग 13 लाख (1.32 मिलियन) के आसपास थी. इसमें विभिन्न समुदायों और जनजातियों का निवास है, जिनमें असमिया, बंगाली, आदिवासी और अन्य जातीय समूह शामिल हैं. यहां की संस्कृति विविधताओं से भरी है और बिहू जैसे त्योहार बड़े उत्साह से मनाए जाते हैं.
पर्यटन के लिहाज से भी तिनसुकिया अहम है. डिब्रू-सैखोवा राष्ट्रीय उद्यान यहां का प्रमुख आकर्षण है, जो दुर्लभ वन्यजीवों और पक्षियों के लिए जाना जाता है. तिनसुकिया जिला प्राकृतिक संसाधनों, औद्योगिक विकास और सांस्कृतिक विविधता का अनोखा संगम है, जो असम की अर्थव्यवस्था और पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
PM मोदी ने मन की बात में असम के तिनसुकिया के एक गांव के बारे में बताया. वहां के बंदरों और इलाके में रहने वाले लोगों के बीच खास रिश्ता है. ये लोग बंदरों की पसंदीदा चीज केले की खेती भी करते हैं. ये लोग अपनी परंपराओं को नहीं भूले हैं. आइए इनकी दिलचस्प कहानी के बारे में जानते हैं.
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि छात्र की मौत के सटीक हालात अभी पता नहीं चल पाए हैं. उसकी लाश गुरुवार को तिनसुकिया के उदोईपुर में मौजूद स्कूल के छात्रावास में पाई गई. उन्होंने बताया कि पुलिस टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है.