तमलुक (Tamluk) पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले का एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण नगर है. यह कोलकाता से लगभग 85 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में रूपनारायण नदी के तट पर स्थित है. प्राचीन काल में इसे ‘ताम्रलिप्ति’ कहा जाता था और यह भारत के प्रमुख समुद्री बंदरगाहों में से एक था, जहां से दक्षिण-पूर्व एशिया तक व्यापार होता था. बौद्ध, जैन और हिंदू धर्म से जुड़ी कई ऐतिहासिक घटनाएँ इस नगर से संबंधित रही हैं.
जनगणना के अनुसार तमलुक की आबादी लगभग 65,000 से 70,000 के बीच है, जबकि पूरे तमलुक उपमंडल की जनसंख्या कई लाख में है. यहां की जनसंख्या में बंगाली भाषी लोगों का प्रभुत्व है और मुख्य धर्म हिंदू है, हालांकि मुस्लिम और ईसाई समुदाय भी यहां रहते हैं. शिक्षा के क्षेत्र में भी तामलुक आगे है. यहां कई कॉलेज, स्कूल और तकनीकी संस्थान मौजूद हैं, जिनमें तम्रलिप्त महाविद्यालय प्रमुख है.
तमलुक के आसपास कई महत्वपूर्ण स्थान स्थित हैं. इसके उत्तर में हल्दिया का औद्योगिक क्षेत्र है, जो एक प्रमुख बंदरगाह और पेट्रोकेमिकल हब है. दक्षिण में कांथी (Contai) और दीघा जैसे प्रसिद्ध समुद्री पर्यटन स्थल हैं, जहां हर वर्ष लाखों पर्यटक आते हैं. पश्चिम की ओर मेचेदा और कोलाघाट हैं, जहां से राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे मार्ग गुजरते हैं. पूर्व में नंदकुमार और महिषादल जैसे ऐतिहासिक कस्बे स्थित हैं; महिषादल राजबाड़ी अपनी भव्यता और दुर्गा पूजा के लिए प्रसिद्ध है.