तालेइगाओ (Taleigao), जिसे प्लाटो डी तालेइगाओ (Platô de Taleigao) भी कहा जाता है, भारत के गोवा राज्य की राजधानी पणजी (Panaji) के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक प्रमुख इलाका है. यह पूरी तरह तिसवाड़ी (Tiswadi) द्वीप पर बसा हुआ है, जो गोवा के महत्वपूर्ण तालुकों में से एक है. यह क्षेत्र गोवा विश्वविद्यालय (Goa University) के मुख्य परिसर के कारण भी जाना जाता है.
तालेइगाओ, इल्हास डी गोवा (Ilhas de Goa) क्षेत्र का हिस्सा है. इसके पश्चिम में अरब सागर, पूर्व में खेती वाले विशाल मैदान, दक्षिण में ओडक्सेल, वैगुइनिम और डोना पाउला, जबकि उत्तर में सांता इनेज और भाटलेम स्थित हैं. यह इलाका पणजी शहर से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर है. पुर्तगाली शासन के समय तालेइगाओ को उत्तर गोवा का धान उत्पादन क्षेत्र (Granary) माना जाता था, क्योंकि उस समय यहां बड़े पैमाने पर धान की खेती होती थी.
इस क्षेत्र में समुद्र तट, धान के खेत, नागल्ली पहाड़ी, पुराने पारंपरिक मकान और हवेलियां, चौड़ी सड़कें, फुटपाथ, कई सौ वर्ष पुराना चर्च, छोटे-छोटे चैपल, मंदिर, शैक्षणिक संस्थान, होटल और रेस्तरां मौजूद हैं. यहां का स्थानीय प्रशासन तालेइगांव पंचायत के माध्यम से संचालित होता है, जो 1960 के दशक से कार्य कर रही है.
तालेइगाओ की आबादी आज काफी मिश्रित है. यहां गोवा के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ भारत के अन्य राज्यों से भी लोग आकर बसे हैं, विशेष रूप से डोना पाउला पठार और आसपास के इलाकों में. इस क्षेत्र के मूल निवासी गावड़ा (Gawda) जनजाति हैं, जो पहले समुदाय (Comunidade) की कृषि भूमि पर खेती करते थे और आज भी कुछ परिवार इसी कार्य से जुड़े हुए हैं.
गोवा में पुर्तगाली शासन समाप्त होने के बाद वर्ष 1966 में तालेइगाओ पंचायत के पहले सरपंच स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय नारायण नाइक बने थे. आज तालेइगाओ, शहरी और ग्रामीण परिवेश का मिश्रण होने के साथ-साथ शिक्षा, प्रशासन और स्थानीय जीवन का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है.