सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond) की नई सीरीज 18 दिसंबर 2023 से जारी की है. इस योजना के तहत इस बार एक ग्राम सोने की कीमत 6,199 रुपये तय किया गया है. इस योजना में 22 दिसंबर तक पैसा लगा सकते हैं.
सरकारी योजना (Government Scheme) के तहत गोल्ड में निवेश करने का यह एक बेहतर मौका है. इसकी कीमत बाजार में सोने के भाव से कम होती है जो IBJA के पब्लिश्ड रेट के आधार पर तय की जाती है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से अप्लाई किया जा सकता हैं.
Gold New Rule: नई पीढ़ी को पारंपरिक भारी डिजाइनों की जगह लेटेस्ट ट्रेंडी ज्वेलरी ज्यादा पसंद आती है. इस स्कीम के जरिए लोग अपने घरों में बेकार पड़ी पुरानी ज्वेलरी की सही कीमत पा सकेंगे और आसानी से नए डिजाइन ले सकेंगे.
सरकार ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. साथ ही आरबीआई ने भी डॉलर का प्रवाह बढा़ने के लिए कुछ कदम उठाए हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये फैसले शेयर बाजार को मजबूती दे सकते हैं.
गोल्ड को लेकर नया नियम, 1 अप्रैल से होने जा रहा ये बड़ा बदलाव. भारत में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से जुड़े टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है. अब 1 अप्रैल से सेकेंड्री मार्केट में खरीदे गए और मैच्योरिटी तक रखे गए SGB पर कैपिटल गेन टैक्स देना होगा
कॉर्पोरेट बॉन्ड्स को उन निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनाता है, जो पहले से एक नियमित निश्चित आय चाहते हैं. क्योंकि बॉन्ड की मैच्योरिटी तारीख पर निवेशकों को बॉन्ड की फेस वैल्यू वापस मिल जाती है.
One Click Gold: आपको धनतेरस पर 24 कैरेट शुद्ध सोना खरीदना है, और इस भीड़-भाड़ में बाजार नहीं जाना चाहते हैं तो Paytm से महज 1000 रुपये का सोना खरीद सकते हैं. पेटीएम ओपन करते ही आपको Buy Gold का ऑप्शन मिलेगा. जहां से आप जितना मर्जी सोना खरीद सकते हैं.
Gold Record High: सोने की कीमतों बेतहाशा बढ़ोतरी को लेकर चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट (CFA) हिमांशु पंड्या ने लोगों को अलर्ट किया है. उनका मानना है कि लगातार सोना महंगा सिर्फ शुभ संकेत नहीं हो सकता.
Physical Vs Gold ETF: निवेश के नजरिए से गोल्ड ETF भौतिक सोने की तुलना में ज्यादा सुविधाजनक, सुरक्षित और किफायती साबित हो सकते हैं. इसमें पारदर्शिता है, टैक्स लाभ मिलता है और इसे आसानी से खरीदा-बेचा जा सकता है.
हाल के दिनों में सोने की कीमतों (Gold Price) में हुई बढ़ोतरी पर नजर डालें तो गोल्ड अब 90 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर के आसपास पहुंच गया है. वहीं चांदी की कीमत भी 1 लाख 5 हजार रुपये प्रति किलो के पार चली गई है.
भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. यहां एक सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने करीब 3 करोड़ रुपए के 25 सोने के बिस्कुट बरामद किए हैं. इनको तस्करी के लिए लाया गया था. सोने का वजन का 3.420 किलोग्राम है.
भारत दम भर सोना खरीद रहा है, चीन का भी यही हाल है, तुर्की और यूरोप के देश भी गोल्ड शॉपिंग पर निकले हुए हैं. लेकिन क्यों? क्या ये ट्रंप की ट्रेड पॉलिसी से पैदा होने वाले खतरे को देखते हुए सेंट्रल बैंक भविष्य की तैयारी कर रहे हैं. या फिर सचमुच दुनिया डॉलर की दादागीरी को टक्कर देने की तैयारी कर रही है.
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) बंद होने से निवेशकों के लिए बेहतर गोल्ड इन्वेस्टमेंट ऑप्शन खत्म हुआ है. यह योजना ऐसी थी, जो निवेशकों को सस्ते में सोना खरीदने का मौका देती थी. RBI की वेबसाइट के मुताबिक इसकी मैच्योरिटी 8 साल की थी.
Gold Rate: जानकारों के मुताबिक लॉन्ग टर्म के लिए सोना अभी भी एक सुरक्षित विकल्प है, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितताएं आगे भी इसकी कीमतों को बढ़ा सकती हैं.
Gold Price: अमेरिका की एक-तिहाई आबादी के लिए घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है. जुलाई में 18 साल से बड़े 37.4 फीसदी लोगों ने कहा कि उनके लिए परिवार का खर्च चलाने में दिक्कत हो रही है.
भारतीय रिजर्व बैंक सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की किश्त समय-समय पर जारी करता है, लेकिन आप इसे हर दिन शेयर बाजार से खरीद सकते हैं और अपने प्राइस के हिसाब से लिमिट लगा सकते हैं. इसपर टैक्स भी नहीं देना होगा.
दुनियाभर में जारी भूराजनीतिक तनाव के बीच तमाम सेंट्रल बैंकों ने गोल्ड की खरीदारी में भारी इजाफा किया है. मौजूदा हालात के बीच सभी देशों के केंद्रीय बैंक अपने खजाने में सोने की मात्रा को बढ़ाने की होड़ में लगे हैं. इस मामले में अप्रैल-जून 2024 में RBI तो संयुक्त तौर पर पहले स्थान पर पहुंच गया है.
अगर इस साल की पहली 2 तिमाहियों की बात करें तो फिर 2024 की दूसरी तिमाही यानी अप्रैल-जून में दुनियाभर के सेंट्र्ल बैंकों ने 183 टन सोना खरीदा जो अप्रैल-जून के मुकाबले छह फीसदी ज्यादा है.
भारतीय रिजर्व बैंक ने 30 नवंबर, 2015 को सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम (Sovereign Gold Bond Scheme) की पहली किस्त जारी हुई थी, जिसकी मैच्योरिटी 30 नवंबर 2023 को पूरी हो गई. अब इस स्कीम पर ब्रेक लग सकता है.
भारतीय रिजर्व बैंक ने इस किश्त के तहत 3,119 रुपये प्रति ग्राम की कीमत पर गोल्ड अगस्त 2016 में जारी किया था. ऐसे में देखा जाए तो SGB के तहत पैसा लगाने वाले निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिला है.
तर्क दिया जा रहा है कि सरकार ने बजट 2024 में गोल्ड पर इम्पोर्ट ड्यूटी को 15 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया था, जिसके बाद सोने के दाम में भारी गिरावट आई है. इससे सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने वाले लोगों को भी नुकसान हुआ है.
इस गोल्ड का रिडेम्पशन प्राइस 7,165 रुपये प्रति यूनिट है, जो 4,264 रुपये प्रति यूनिट का लाभ दे रहा है. जब यह किस्त खरीदारी के लिए खुला था तो सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के तहत 1 ग्राम गोल्ड की कीमत 2,901 रुपये थी.
सोने में निवेश सिर्फ इतने साल में ढाई गुना हुआ. इसमें गोल्ड का रिडेम्पशन प्राइस 7,165 रुपये प्रति यूनिट है, जो 4,264 रुपये प्रति यूनिट का लाभ दे रहा है. जब यह किस्त खरीदारी के लिए खुला था तो सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के तहत 1 ग्राम गोल्ड की कीमत 2,901 रुपये थी.