रमजान (Ramadan) इस्लाम धर्म का एक पवित्र महीना है, जिसे मुस्लिम समुदाय उपवास (रोजा) रखकर मनाते हैं. इस्लामी कैलेंडर के नौवें महीने में आने वाला यह महीना आत्मशुद्धि, इबादत और संयम का समय होता है. रमजान साल का नौवां महीना होता है. इस्लाम धर्म में रमजान के महीने का खास महत्व होता है. इस महीने इस्लाम धर्म के लोग पूरी शिद्दत से खुदा की इबादत करते हैं और रोजा रखते हैं. प्रत्येक दिन रोजा रखने वाले मुसलमान रमजान के आखिरी दिन अल्लाह का शक्रिया अदा करते हुए 'ईद-उल-फितर' का त्योहार मनाते हैं.
इस्लाम धर्म की मान्यताओं के अनुसार, किसी भी देश में रमजान का महीना कब और किस दिन शुरू होगा, यह मक्का में चांद के दिखाई देने पर निर्भर करता है. सऊदी अरब में चांद दिखाई देने के अगले दिन भारत में रमजान शुरू होता है और मुसलमान पहला रोजा रखते हैं.
इस्लाम धर्म में रोजा रखने के कुछ खास नियम भी बताए गए हैं. रमजान में हर दिन सुबह सूर्योदय से पहले लोग अन्न ग्रहण कर सकते हैं, जिसे सहरी कहा जाता है. फिर सूर्यास्त के बाद कुछ खा सकते हैं. इसे इफ्तार कहा जाता है. सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक मुसलमान भूखे रहते हैं. रमजान के 30 पाक दिनों को तीन हिस्सों में बांटा गया है. पहले 10 दिनों को रहमत, अगले दस दिनों को बरक और अंतिम 10 दिनों को मगफिरत कहा जाता है.
आज देशभर में मनाई जा रही ईद-उल-फितर, जानें महत्व और कैसे मनाते हैं ये त्योहार? आज पूरे देश में ईद-उल-फितर का त्योहार खुशी और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. रमजान के पूरे महीने रोजे रखने के बाद नए चांद के दिखने पर शव्वाल महीने की शुरुआत होती है और उसी के पहले दिन ईद मनाई जाती है. इस दिन सुबह लोग मस्जिद या ईदगाह में जाकर ईद की नमाज अदा करते हैं और एक-दूसरे को गले लगाकर “ईद मुबारक” कहते हैं
ईद-उल-फितर 2026 की तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है, इसलिए भारत में अलग-अलग राज्यों में ईद अलग दिन मनाई जा सकती है. 20 या 21 मार्च को ईद होने की संभावना है. जानें चांद दिखने, मौसम और स्थानीय परंपराओं की वजह से तारीखों में फर्क क्यों आता है.
दुनिया भर में मुसलमान खुशी और जोश-ओ-ख़रोश के साथ ईद-उल-फ़ितर मना रहे हैं. इस्लाम धर्म मानने वाले लोग रमज़ान महीने के दौरान सुबह से शाम तक रोज़ा रखते हैं, इबादत और बिना किसी खुदगर्जी के ज़रूरतमंदों की मदद करते हैं.यह फेस्टिवल रमज़ान के पवित्र महीने के खत्म होने का एक प्रतीक भी है.
ईद-उल-फितर यानी मीठी के मौके पर कई तरह की लज़ीज़ और खास तरह की मिठाइयां बनाई जाती हैं. इनमें खास तौर से सेवइयां, शीर खुरमा, शाही टुकड़ा और कई तरह की खास मिठाइयां शामिल हैं.
क्या 20 मार्च को होगी ईद? जानिए कब दिखेगा ईद का चांद. इस्लामी कैलेंडर का पवित्र महीना रमजान अब अपने अंतिम चरण में है. दुनिया भर में मुस्लिम समुदाय रोज़ा और इबादत में व्यस्त है. रमजान के खत्म होते ही शव्वाल का चाँद दिखाई देने पर ईद-उल-फितर या 'मीठी ईद' मनाई जाती है. इसी वजह से इन दिनों “ईद कब है” जैसे सवाल ऑनलाइन काफी खोजे जा रहे हैं. ईद की तारीख पूरी तरह हिलाल यानी नए चाँद के दीदार पर निर्भर करती है
Sheermal Roti Recipe: शीरमाल रोटी उत्तर प्रदेश की एक फेमस मीठी नान है, जो खासतौर पर ईद और रमजान के अवसरों पर बनाई जाती है. आज इस खबर में हम आपको शीरमाल रोटी बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे.
दुबई में रमजान शुरू होने से लेकर ईद के चांद निकलने तक हर रोज रोजा इफ्तार के समय तोप दागने की परंपरा है. सादियों से चली आ रही ये परंपरा इस बार अचानक बंद कर दी गई है, क्योंकि पुलिस को लगता है कि ईरान युद्ध के दौरान अफरा-तफरी न फैल जाए.
Laylatul Qadr 2026: लैलतुल क़द्र या शबे क़द्र रमज़ान की सबसे पाक रात मानी जाती है. माना जाता है कि इसी रात क़ुरआन नाज़िल हुई थी. इस रात की इबादत हज़ार महीनों से बेहतर बताई गई है. इसलिए मुसलमान इस रात नमाज़, तिलावत और दुआ में वक्त बिताते हैं.
कुद्स दिवस के दौरान ईरान के कई बड़े शहरों जैसे तेहरान, मशहद, इस्फहान, कुम और तबरीज में विशाल रैलियां निकाली जाएंगी. सबसे बड़ी रैली तेहरान यूनिवर्सिटी से आजादी स्क्वेयर तक निकाले जाने वाले मार्च के रूप में हो सकती है.
दुबई और यूएई के अन्य शहरों में रमजान आते ही विदेशों से आए भिखारियों के गैंग एक्टिव हो जाते हैं. दुबई पुलिस ने कुछ ऐसे भिखारियों को गिरफ्तार किया है, जो लग्जरी कार से भीख मांगने आते हैं और कुछ ही घंटों में 40 से 50 हजार रुपये कमाकर निकल जाते हैं.
रमज़ान मुसलमानों के लिए इबादत, सब्र और रहमत का महीना होता है. इस बीच, मिडिल ईस्ट में चल रही जंग ने पाक महीने की रूहानी फिज़ा को अजीब सी दहशत और अनिश्चितता में बदल दिया है. इस्लामी तारीख़ में रमज़ान के वक़्त जंग कोई नई बात नहीं है.
कुवैत सरकार ने रमजान के दौरान सार्वजनिक रूप से खाने-पीने पर सख्त प्रतिबंध की चेतावनी दी है. नियम तोड़ने वालों को जुर्माना, एक महीने तक की जेल या दोनों सजाएं दी जा सकती हैं. अगर कोई दुकान भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल होता है तो उनपर भी कार्रवाई होगी.
रमजान 2026 में रोजे के दौरान खुद को सेहतमंद और हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी है. कुछ बेहतरीन ड्रिंक्स के बारे में, जो इफ्तार के समय आपको तुरंत एनर्जी देंगे और पाचन संबंधी समस्याओं जैसे गैस और ब्लोटिंग से बचाएंगे. आइए इन ड्रिंक्स के बारे में आपको बताते हैं.
रमजान के महीने में देश के कई हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं सामने आई हैं. खासकर मध्यप्रदेश के जबलपुर, हैदराबाद और कर्नाटक के बागलकोट में हालात तनावपूर्ण रहे. जबलपुर के सिहोरा इलाके में मंदिर और मस्जिद के बीच आरती और नमाज के समय विवाद हुआ जिसने तोड़फोड़ और पथराव को जन्म दिया. पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कार्रवाई कर रही है.
Ramadan 2026: रमजान में रोजेदार सहरी से लेकर इफ्तार तक भूखे रहते हैं. वो सिर्फ सुबह सूर्योदय से पहले और शाम को सूर्यास्त के बाद ही कुछ ग्रहण करते हैं. शाम को जब सूरज डूब जाता है, तब मगरीब की अजान के साथ ही रोजा खोला जाता है.
मक्का और मदीना जाना हर मुसलमान की सबसे बड़ी ख्वाहिश होती है, लेकिन रमजान का महीना शुरू होते ही इस सफर का खर्च अचानक क्यों बढ़ जाता है? इसके पीछे का पूरा गणित समझने के लिए पढ़ें यह खबर.
Ramadan 2026: रमजान का महीना मुसलमानों के लिए बहुत ही पवित्र माना जाता है, जिसकी शुरुआत 18 फरवरी से हो चुकी है. 20 फरवरी को दूसरा रोजे की सहरी और इफ्तार की जाएगी. आज हम आपको बता रहे हैं दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, पटना, जयपुर और हैदराबाद में 20 फरवरी को सहरी और इफ्तार का क्या समय रहेगा.
जहां दुनिया के ज्यादातर देशों में 18 और 19 फरवरी से रमजान शुरू हो चुका है, वहीं दो ऐसे भी देश हैं जहां चांद नजर न आने के कारण रोजे 20 फरवरी से शुरू होंगे. स्थानीय इस्लामिक संस्थाओं ने चांद दिखने के नियम के आधार पर यह फैसला लिया है.
रमजान का पाक महीना शुरू हो गया है. पहले रोजे पर बाजारों में भारी भीड़ देखने को मिली.
शोएब जमई ने दिल्ली सरकार से रमजान के दौरान शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखते हुए तर्क दिया कि जिस तरह सावन में मांसाहार की दुकानें बंद की जाती हैं, उसी तरह रमजान का भी सम्मान होना चाहिए.
रमजान का पाक महीना शुरू हो गया है. आज पहला रोजा है. पहले रोजे के साथ ही लोग अल्लाह की बंदगी में जुट गए हैं. आइए जानते हैं कि रोजा रखने के नियम क्या होते हैं और ये इबादत कितनी कठिन होती है.