रायगंज (Raiganj) पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले का मुख्यालय है. यह शहर कुलिक नदी के किनारे बसा हुआ है और अपने प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है. रायगंज की सबसे बड़ी पहचान रायगंज वाइल्डलाइफ सेंचुरी से है, जिसे कुलिक पक्षी अभयारण्य भी कहा जाता है. यह एशिया का दूसरा सबसे बड़ा पक्षी अभयारण्य है, जहां सर्दियों के मौसम में हजारों प्रवासी पक्षी आते हैं, जिनमें ओपनबिल स्टॉर्क, हेरॉन, ईग्रेट और कई दुर्लभ प्रजातियां शामिल हैं. 2011 की जनगणना के अनुसार रायगंज की कुल आबादी लगभग 1,83,612 थी. इसमें लगभग 95,882 पुरुष और 87,730 महिलाएं शामिल थीं.
रायगंज एक प्रमुख व्यापारिक और शैक्षणिक केंद्र भी है. यहां रायगंज विश्वविद्यालय स्थित है, जो इस क्षेत्र में उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण संस्थान है. शहर की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि, व्यापार और छोटे उद्योगों पर आधारित है. धान, जूट और मक्का यहां की प्रमुख फसलें हैं.
यहां की संस्कृति बंगाली परंपराओं से गहराई से जुड़ी हुई है. दुर्गा पूजा, काली पूजा और पोइला बैशाख जैसे त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाए जाते हैं. शांत वातावरण, हरियाली और धार्मिक सौहार्द के कारण रायगंज को उत्तर बंगाल के शांत, सुंदर और विकसित हो रहे शहरों में गिना जाता है.