पोरवोरिम (Porvorim) गोवा का एक प्रमुख शहर है, जिसे राज्य की वास्तविक (De Facto) प्रशासनिक और विधायी राजधानी माना जाता है. यहां गोवा विधानसभा (Goa Legislative Assembly) और राज्य सचिवालय (Goa Secretariat) एक ही परिसर में स्थित हैं. यह परिसर अल्टो पोरवोरिम (Alto Porvorim) में है, जहां "अल्टो" पुर्तगाली भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ "ऊपरी" या "ऊंचा" होता है.
पोरवोरिम को गोवा की वास्तविक न्यायिक राजधानी भी कहा जाता है. यहां बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच (Bombay High Court at Goa) का नया भवन मंडोवी नदी के किनारे स्थित है. इससे पहले यह अदालत पणजी के लाइसियम परिसर (Lyceum Complex) में संचालित होती थी.
भौगोलिक रूप से पोरवोरिम मंडोवी नदी के उत्तरी किनारे पर बसा है, जबकि गोवा की आधिकारिक (De Jure) राजधानी पणजी नदी के दूसरी ओर स्थित है. यह शहर राष्ट्रीय राजमार्ग NH-66 (मुंबई-गोवा हाईवे) पर स्थित होने के कारण अच्छी सड़क कनेक्टिविटी रखता है. गोवा का सबसे बड़ा शॉपिंग मॉल मॉल डी गोवा (Mall De Goa) भी यहीं स्थित है.
इतिहास की बात करें तो पोरवोरिम पहले सोकोरो (Socorro) गांव का अंतिम वाडो (Por-vod) माना जाता था. यह स्थान पणजी–मापुसा हाईवे और सोकोरो–सांगोल्डा मार्ग के चौराहे पर बने पुराने बाजार के आसपास विकसित हुआ. धार्मिक दृष्टि से यहां के लोगों का संबंध मुख्य रूप से सोकोरो स्थित नोसा सेन्योरा दो सोकोरो चर्च से था. इसके अलावा बाजार के पास कैंडेलारिया चैपल और अल्टो पोरवोरिम में होली फैमिली चर्च भी महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल रहे हैं.
पोरवोरिम कई प्रसिद्ध गोवा के लोगों का पैतृक निवास भी रहा है. इनमें फादर ह्यूबर्ट ओलंपस मस्कारेनहास और पूर्व पुलिस अधिकारी जूलियो रिबेरो जैसे नाम शामिल हैं.