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पेरियार वन्यजीव अभयारण्य, केरल

पेरियार वन्यजीव अभयारण्य, केरल

पेरियार वन्यजीव अभयारण्य, केरल

पेरियार वन्यजीव अभयारण्य केरल (Periyar Wildlife Sanctuary, Kerala) के इडुक्की और पथानामथिट्टा जिलों में स्थित भारत के सबसे प्रसिद्ध और संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्रों में से एक है. यह अभयारण्य पश्चिमी घाट की पर्वत श्रृंखला में फैला हुआ है और अपनी समृद्ध जैव-विविधता, घने जंगलों और मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है. वर्ष 1950 में स्थापित इस अभयारण्य को बाद में पेरियार टाइगर रिजर्व का दर्जा भी दिया गया, जिससे इसका संरक्षण और अधिक मजबूत हुआ.

पेरियार अभयारण्य का कुल क्षेत्रफल लगभग 925 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें सदाबहार, अर्ध-सदाबहार, आर्द्र पर्णपाती और घास के मैदान शामिल हैं. इस अभयारण्य के बीचों-बीच स्थित पेरियार झील इसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है, जो मुल्लापेरियार बांध के निर्माण के बाद अस्तित्व में आई. यह झील न केवल वन्यजीवों के लिए जल स्रोत है, बल्कि पर्यटकों के लिए भी प्रमुख आकर्षण का केंद्र है.

यह अभयारण्य कई दुर्लभ और संरक्षित वन्य प्रजातियों का घर है. यहां एशियाई हाथी, बाघ, तेंदुआ, सांभर, बारहसिंगा, जंगली सूअर और नीलगाय जैसे जीव पाए जाते हैं. इसके अलावा पेरियार पक्षी प्रेमियों के लिए भी स्वर्ग समान है, जहां मालाबार हॉर्नबिल, किंगफिशर, ईगल और कई प्रवासी पक्षी देखे जा सकते हैं. सरीसृपों और उभयचरों की अनेक प्रजातियां भी यहां पाई जाती हैं.

पर्यटन के दृष्टिकोण से पेरियार वन्यजीव अभयारण्य बेहद लोकप्रिय है. यहां बोट सफारी, नेचर वॉक, ट्रेकिंग, और बांस राफ्टिंग जैसी गतिविधियां पर्यटकों को प्रकृति के और करीब लाती हैं. थेक्कडी कस्बा इस अभयारण्य का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है.

संक्षेप में, पेरियार वन्यजीव अभयारण्य न केवल केरल बल्कि पूरे भारत की प्राकृतिक धरोहर है. यह स्थान वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक प्रेरणास्रोत के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण है.

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