गोवा भारत के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है और यहां स्थित पालोलेम बीच (Palolem Beach, Goa) अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और साफ-सुथरे समुद्र तट के लिए विशेष रूप से जाना जाता है. यह बीच दक्षिण गोवा के कैनाकोना क्षेत्र में स्थित है और उत्तर गोवा की भीड़-भाड़ से अलग एक सुकून भरा अनुभव प्रदान करता है.
पलोलेम बीच अर्धचंद्राकार (हाफ मून शेप) संरचना में फैला हुआ है, जो इसे अन्य समुद्र तटों से अलग पहचान देता है. चारों ओर फैली हरी-भरी पहाड़ियां, नारियल के ऊंचे पेड़ और नीले समुद्र की लहरें मिलकर यहां का दृश्य अत्यंत आकर्षक बना देती हैं. सुबह के समय सूर्योदय और शाम को सूर्यास्त का नजारा पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है. खासकर सूर्यास्त के समय आसमान में फैलते नारंगी और गुलाबी रंग इस बीच को और भी मनोहारी बना देते हैं.
यह समुद्र तट उन लोगों के लिए आदर्श है जो शांति और प्रकृति के करीब समय बिताना चाहते हैं. यहां का वातावरण योग, ध्यान और विश्राम के लिए बेहद उपयुक्त माना जाता है. कई पर्यटक यहां बीच हट्स में रुककर समुद्र की लहरों की आवाज के साथ दिन की शुरुआत करना पसंद करते हैं. पलोलेम बीच परिवारों, कपल्स और अकेले घूमने वालों सभी के लिए अनुकूल है.
रोमांच पसंद करने वालों के लिए पलोलेम बीच पर कयाकिंग, बोटिंग और डॉल्फिन देखने जैसी गतिविधियां उपलब्ध हैं. यहां से पास के छोटे द्वीपों तक नाव से जाना भी एक लोकप्रिय अनुभव है. इसके अलावा, बीच के आसपास बने छोटे-छोटे कैफे और रेस्तरां पर्यटकों को स्थानीय गोअन व्यंजनों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय खाने का स्वाद भी देते हैं. ताजा सीफूड यहां की खास पहचान है.
रात के समय पलोलेम बीच का माहौल बेहद शांत और रोमांटिक हो जाता है. सीमित और नियंत्रित नाइटलाइफ के कारण यहां का प्राकृतिक संतुलन बना रहता है. यही वजह है कि पलोलेम बीच उन पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है, जो गोवा में भीड़ से दूर एक शांत, सुंदर और यादगार अनुभव की तलाश में रहते हैं.
गोवा में महिला पर्यटकों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है. बागा बीच पर रूसी महिला टूरिस्ट के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है. बीच मार्शल और लाइफसेवर की समय पर कार्रवाई से हालात बिगड़ने से बच गए. बीते एक हफ्ते में ऐसे कई मामले दर्ज किए गए हैं.
गोवा के जिस नाइटक्लब में आग लगने से 25 लोगों की मौत हुई थी, वो बिना लाइसेंस नमक की जमीन पर चल रहा था. मैजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट ने प्रशासनिक लापरवाही और नियमों की अनदेखी को उजागर किया है. रिपोर्ट के बाद अफसरों पर कार्रवाई और सस्पेंशन का सिलसिला तेज हो गया है.