आज लोकसभा में न्यू इनकम टैक्स बिल (New Income Tax Bill) पेश किया जाएगा. इसे पिछले सप्ताह ही पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व वाली केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिली थी और संसद में पेश किए जाने के बाद इसे स्टैंडिंग कमिटी के पास विस्तृत चर्चा के लिए भेजा जाएगा. न्यू इनकम टैक्स बिल, इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह लेगा. 63 साल बाद बदले जा रहे इस बिल में कई बदलाव किए गए हैं.
1961 इनकम टैक्स बिल में 880 पेज थे, लेकिन अब इसमें शामिल पृष्ठों की संख्या को घटाकर 622 किया गया है. न्यू टैक्स बिल में 536 धाराएं और 23 चैप्टर हैं. इसके साथ ही न्यू टैक्स रिजीम के तहत टैक्स स्लैब में कोई चेंज नहीं होगा और बजट में घोषित की गई दरें ही यथावत रहेंगी.
4 लाख रुपये तक की इनकम कोई टैक्स नहीं
4 लाख 1 रुपये से 8 लाख रुपये तक 5 फीसदी टैक्स
8 लाख 1 रुपये से 12 लाख रुपये तक 10 फीसदी टैक्स
12 लाख 1 रुपये से 16 लाख रुपये तक 15 फीसदी टैक्स
16 लाख 1 रुपये से 20 लाख रुपये तक 20 फीसदी टैक्स
हैदराबाद के आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) ने एक खास मामले में बड़ा फैसला सुनाया है और एक व्यकि को 2.80 करोड़ रुपये की टैक्स छूट दी है. आइए जानते हैं पूरा मामला...
बुधवार, 1 अप्रैल 2026 से नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत हो चुकी है. साल बदलते ही हमारे खर्चों और बजट से जुड़े 8 बड़े नियम भी बदल गए हैं. नया इनकम टैक्स कानून और नया लेबर कोड समेत ये तमाम बदलाव आज से ही लागू हो चुके हैं, जिनका सीधा असर आपकी जेब और घर के बजट पर पड़ने वाला है.
1 अप्रैल 2026 से कई बड़े नियमों में फेरबदल किया गया है. ATM से पैसे निकालने की बात हो, नया इनकम टैक्स कानून हो या नया लेबर कोड, ये बड़े बदलाव सीधे तौर पर आपके मंथली बजट और डेली रूटीन की जिंदगी पर असर डालने वाले हैं.
Rule Change From 1st April: अप्रैल की शुरुआत के साथ ही देश में बहुत कुछ बदल गया है. नए टैक्स कानून से लेकर न्यू लेबर कोड तक और LPG Cylinder महंगा होने से लेकर ATM से पैसे निकालने तक के नियम चेंज हुए हैं.
इनकम टैक्स के तहत आज से 10 बड़े बदलाव पूरे देश में लागू हो चुके हैं. इसमें एचआर क्लेम से लेकर पैन संबंधी नियम और शेयर बाजार में नया टैक्स भी शामिल है.
नई वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ 1 अप्रैल से नया आयकर अधिनियम और टैक्स कानून 2025 लागू होगा. यह बदलाव मुख्य रूप से सैलरी टैक्स पेयर्स को प्रभावित करेगा. इसमें सैलरी स्ट्रक्चर और टैक्स डिडक्शन के नियमों में कई अहम परिवर्तन होंगे. सरकार का उद्देश्य वर्षों से जटिल हो चुके टैक्स सिस्टम को सरल बनाकर करदाताओं के लिए समझना और पालन करना आसान बनाना है. ये नई व्यवस्था कर संग्रहण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स कानून लागू होने जा रहा है, जिसमें सैलरी स्ट्रक्चर से लेकर टैक्स डिडक्शन संबंधी नियम में बदलाव होगा. साथ ही रिटर्न फाइल करने के लिए असेसमेंट ईयर और फाइनेंशियल ईयर को खत्म करने सिर्फ टैक्स ईयर कर दिया गया है.
नए इनकम टैक्स कानून के तहत बड़ा बदलाव सामने आया है. अब किसी को फॉर्म 16 और फॉर्म 16A जैसे दस्तावेज नहीं मिलने वाले हैं, क्योंकि अब इनकी जगह पर अब दूसरे डॉक्यूमेंट्स दिए जाएंगे.
सीबीडीटी की ओर से नया टैक्स कानून को नोटिफाई कर दिया गया है, जो 1 अप्रैल से पूरे देश में लागू हो जाएगा. यह आयकर अधिनियम 1981 की जगह लेगा. नए टैक्स कानून के तहत कई बड़े बदलाव होने वाले हैं.
ये कोई गलती नहीं है. ये वही फॉर्मूला है जो बिल्कुल वैसे ही काम कर रहा है जैसा उसे बनाया गया था. आलोचक इसे सफलता की सजा कहते हैं. उनका सवाल है कि जब महाराष्ट्र देश की जीडीपी में करीब 15% योगदान देता है, तो उसे टैक्स में सिर्फ 6.3% हिस्सा क्यों? हरियाणा, जिसकी प्रति व्यक्ति आय सबसे ज्यादा है, उसे सबसे कम क्यों?
Income Tax Department ने ITR filing की last date एक दिन बढ़ाकर 16 September 2025 कर दी है. जानें penalty, जुर्माना और late filing के rules.
जीएसटी काउंसिल की दो दिवसीय बैठक बुधवार से शुरू हो रही है और इसमें टैक्स सिस्टम में सुधारों के लिए अहम फैसले लिए जा सकते हैं. ऐसे में जानते हैं कि काउंसिल का संस्थागत ढांचा कैसे तैयार होता है और इसमें केंद्र-राज्यों के वोटों का वेटेज कितना है.
New Income Tax Bill सोमवार को लोकसभा में पारित किया जा चुका है और इसमें जहां 1961 विधेयक के कई कानूनों का बरकरार रखा गया है, तो प्रवर समिति के तमाम सुझावों को भी शामिल किया गया है.
संसद में बिहार वोटर लिस्ट रिवीजन के मुद्दे पर जारी गतिरोध के बीच सोमवार को लोकसभा से चार और राज्यसभा से पांच, कुल नौ विधेयक पारित किए गए.
New Tax Bill-2025 को बीते 13 फरवरी 2025 को लोकसभा में पेश किया गया था और इसके बाद इसे 31 सदस्यीय प्रवर समिति के पास भेजा गया था. समिति के 285 सुझावों के साथ इसकी रिपोर्ट जुलाई में पेश की गई थी और अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संशोधित आयकर विधेयक को पेश करने जा रही हैं.
संसद के दोनों सदनों में वोटर लिस्ट रिवीजन के मुद्दे पर गतिरोध जारी है. एसआईआर पर जारी गतिरोध के बीच शुक्रवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर हमला बोला.
इनकम टैक्स विधेयक का एक नया संस्करण जिसमें बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली चयन समिति की ज्यादातर सिफारिशों को शामिल किया गया है, सोमवार को पेश किया जाएगा. 13 फरवरी 2025 को लोकसभा में पहली बार पेश किया गया ये विधेयक भारत की कर व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है.
New Income Tax Bill 2025: छह दशक पुराने मौजूदा टैक्स अधिनियम 1961 के मुकाबले नए इनकम टैक्स बिल में धाराओं की संख्या 536 होगी, जबकि इसमें शामिल शब्दों की संख्या करीब आधी कर दी गई है.
अगर आप ITR में फर्जी टैक्स क्लेम करते हैं तो अब सतर्क हो जाइए! आयकर विभाग का AI सिस्टम तुरंत पहचान लेता है गलतियां. फर्जी दावा करने पर 200% तक जुर्माना, 24% ब्याज और 7 साल तक की जेल हो सकती है. टैक्सबडी ने बताया क्या करें बचाव के लिए.
आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है. ITR फाइलिंग की आखिरी तारीख अब 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दी गई है. जानें डेडलाइन बढ़ने का कारण और इससे जुड़ी जरूरी बातें
नए वित्त वर्ष के साथ कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हुए हैं. नए टैक्स स्लैब में ₹12 लाख तक की सालाना आमदनी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. बैंकिंग नियमों में मिनिमम बैलेंस, एटीएम ट्रांजैक्शन और यूपीआई पेमेंट से जुड़े बदलाव हुए हैं. ट्रैफिक नियमों में चालान न भरने पर ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड होने का प्रावधान शामिल किया गया है. VIDEO