मेडक (Medak) तेलंगाना राज्य का एक महत्वपूर्ण जिला है, जो अपनी ऐतिहासिक धरोहर, खेती और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है. यह जिला राजधानी हैदराबाद से ज्यादा दूर नहीं है, इसलिए यहां आने-जाने की सुविधा भी अच्छी है. पहले मेडक जिला बहुत बड़ा था, लेकिन बाद में प्रशासनिक बदलावों के बाद इसे अलग-अलग जिलों में बांट दिया गया.
मेडक जिला मुख्यालय है. जिले की सीमा संगारेड्डी, कामारेड्डी, सिद्दीपेट और मेडचल जिलों से लगती है. यह जिला 2,740.89 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है. भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार, जिले की जनसंख्या 7,67,428 थी.
मेडक जिले का इतिहास काफी पुराना और समृद्ध माना जाता है. यहां कई पुराने किले, मंदिर और चर्च मौजूद हैं, जो इसकी ऐतिहासिक पहचान को दर्शाते हैं. जिले का सबसे प्रसिद्ध स्थल Medak Cathedral है. यह एशिया के सबसे बड़े चर्चों में से एक माना जाता है और इसकी खूबसूरत वास्तुकला लोगों को आकर्षित करती है. हर साल यहां दूर-दूर से पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं.
इसके अलावा मेडक में Medak Fort भी एक प्रमुख ऐतिहासिक जगह है. यह किला पहाड़ी पर बना हुआ है और यहां से आसपास का दृश्य बहुत सुंदर दिखाई देता है. माना जाता है कि इस किले का निर्माण कई सदियों पहले हुआ था और यह उस समय की सैन्य शक्ति और वास्तुकला का अच्छा उदाहरण है.
अगर मेडक जिले की अर्थव्यवस्था की बात करें तो यहां की मुख्य ताकत खेती है. जिले के ज्यादातर लोग कृषि पर निर्भर हैं. यहां चावल, मक्का, कपास और कई तरह की दालों की खेती की जाती है. अच्छी बारिश और उपजाऊ मिट्टी के कारण यहां की खेती काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है.
मेडक जिला सांस्कृतिक रूप से भी काफी समृद्ध है. यहां तेलंगाना की पारंपरिक संस्कृति, त्योहार और लोक परंपराएं आज भी देखने को मिलती हैं. संक्रांति, दशहरा और दीपावली जैसे त्योहार यहां बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं. गांवों में लोकगीत और पारंपरिक नृत्य भी इस इलाके की पहचान हैं.
पिछले कुछ वर्षों में मेडक जिले में विकास के कई काम हुए हैं। सड़कें, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने की भी कोशिश की जा रही है, ताकि यहां के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को ज्यादा लोग देख सकें।
संपूर्ण जिला दक्षिणी उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वनों से आच्छादित है.
तेलंगाना के मेडक जिले में मां और उसके प्रेमी ने मिलकर दो साल की बच्ची की हत्या कर दी. पुलिस के अनुसार, बच्ची उनके अवैध संबंधों में बाधा बन रही थी. शव को गांव के बाहर नाले के पास दफनाया गया था. शिकायत मिलने पर पुलिस ने दोनों को आंध्र प्रदेश से गिरफ्तार किया और पूछताछ में उन्होंने अपराध स्वीकार किया.
तेलंगाना के मेडक जिले की रहने वाली इंटरमीडिएट छात्रा वैष्णवी ने परीक्षा के डर और पढ़ाई में रुचि न होने के कारण आत्महत्या कर ली. वह हैदराबाद के एक निजी कॉलेज में पढ़ रही थी और शिवरात्रि पर घर लौटी थी. 1 मार्च को उसने अपने कमरे में पंखे से लटककर जान दे दी. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
तेलंगाना के मेडक जिले में एक ऑटो हादसे का शिकार बन गया. यहां एक तेज रफ्तार ने ऑटो को टक्कर मार दी. इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य लोग घायल हो गए.