मणिपुर विधानसभा चुनाव फरवरी से मार्च 2027 के बीच होने की उम्मीद है, जिसमें मणिपुर विधानसभा के सभी 60 सदस्यों को चुना जाएगा. वाई खेमचंद सिंह मणिपुर के मौजूदा मुख्यमंत्री हैं (Manipur Assembly Elections 2027).
साल 2022 में दो चरणों में विधानसभा चुनाव हुए थे. रिजल्ट 10 मार्च 2022 को घोषित किए गए. नई बनी विधानसभा को 12वीं मणिपुर विधानसभा नाम दिया गया. सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 60 में से 32 सीटें जीतकर आराम से बहुमत हासिल कर लिया. एन. बीरेन सिंह को फिर से मुख्यमंत्री चुना गया. सितंबर 2022 में, JD(U) के 5 विधायक BJP में विलय हो गए, जिससे विधानसभा में BJP की कुल ताकत बढ़कर 37 हो गई.
3 मई 2023 को कुकी-मैतेई जातीय संघर्ष भड़कने के बाद, मुख्यमंत्री बीरेन सिंह हिंसा को काबू करने में नाकाम रहे और 9 फरवरी 2025 को उन्होंने इस्तीफा दे दिया. 13 फरवरी को राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया और विधानसभा को निलंबित कर दिया गया. बाद में 4 फरवरी 2026 को, BJP नेता युमनाम खेमचंद सिंह ने नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.
2017 के विधानसभा चुनावों की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 60 सीटों वाली विधानसभा में 21 सीटें जीतीं और नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP), नागा पीपुल्स फ्रंट (NPF) और लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के साथ गठबंधन की सरकार बनाई. एन. बीरेन सिंह ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
करीब एक साल बाद मणिपुर में राष्ट्रपति शासन हटने के बाद नई निर्वाचित सरकार ने शपथ ले ली. वाई खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जबकि नेमचा किपगेन और एल. दीखो डिप्टी मुख्यमंत्री बने. लोक भवन में हुए शपथ ग्रहण समारोह के साथ राज्य में नई राजनीतिक शुरुआत हुई.
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में मणिपुर में नई सरकार बन गई है. सत्ता की कमान जरूर मैतेई समाज से आने वाले खेमचंद को मिली हो, लेकिन बीजेपी ने डिप्टीसीएम के रूप में एक कुकी और नागा समुदाय से बनाकर सियासी दांव चला है. ऐसे में खेमचंद एंड टीएम क्या मणिपुर को पुराने दौर में वापस लौटा पाएगी?