इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (Indian Union Muslim League) मुख्य रूप से केरल में स्थित एक राजनीतिक दल है. इसे चुनाव आयोग ने केरल में एक राज्य पार्टी के रूप में मान्यता दी है.
भारत के विभाजन के बाद, अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के भारतीय खंड की पहली परिषद 10 मार्च 1948 को मद्रास (अब चेन्नई) में आयोजित की गई थी. 1951 को पार्टी ने अपना नाम बदलकर 'इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग' कर लिया. एक नया संविधान अपनाया।[6]
IUML विपक्षी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट का एक प्रमुख सदस्य है. यह केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला राज्य स्तरीय गठबंधन के साथ है. IUML को पहली बार 2004 में भारत सरकार में एक मंत्रालय (विदेश राज्य मंत्री) मिला था.
पार्टी से संसद में चार सदस्य हैं - लोकसभा में ई. टी. मोहम्मद बशीर, एम. पी. अब्दुस्समद समदानी और कानी के. नवास और राज्यसभा में पी. वी. अब्दुल वहाब. केरल राज्य विधान सभा में पंद्रह सदस्य हैं.
नए साल के दिन केरल में एक अनोखी प्रिंटिंग मिस्टेक देखने को मिली, जब भाजपा के मुखपत्र जन्मभूमि में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के अखबार चंद्रिका का संपादकीय पृष्ठ छप गया. इस गलती ने राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी.
दिल्ली में मुस्लिम लीग की तरफ से आयोजित इफ्तार पार्टी में देश के प्रमुख विपक्षी नेताओं ने शिरकत की. सोनिया गांधी, जया बच्चन, अखिलेश यादव, शशि थरूर और संजय सिंह जैसे दिग्गज नेता एक ही टेबल पर बैठकर इफ्तारी करते नजर आए. देखें वीडियो.