इडुक्की (Idukki) केरल का एक खूबसूरत पहाड़ी जिला है, जो पश्चिमी घाट की हरियाली, घने जंगलों और ठंडी जलवायु के लिए प्रसिद्ध है. यह जिला अपने प्राकृतिक सौंदर्य, वन्यजीव अभयारण्यों और जलविद्युत परियोजनाओं के कारण खास पहचान रखता है. समुद्र तल से ऊंचाई पर बसे इस इलाके में सालभर सुहावना मौसम रहता है, इसलिए यह पर्यटकों का पसंदीदा गंतव्य है.
इडुक्की का नाम यहां बहने वाली पेरियार नदी और “इडुक्की आर्च डैम” से जुड़ा है. Idukki Dam एशिया के प्रमुख आर्च बांधों में से एक है और केरल की बिजली जरूरतों का बड़ा हिस्सा यहीं से पूरा होता है. यह बांध दो पहाड़ियों के बीच बना है, जो इसे इंजीनियरिंग का अनोखा नमूना बनाता है.
पर्यटन की बात करें तो मुन्नार इडुक्की जिले का सबसे मशहूर हिल स्टेशन है. यहां के चाय बागान, धुंध से ढकी पहाड़ियां और घुमावदार सड़कें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं. इसके अलावा Eravikulam National Park भी यहीं स्थित है, जहां दुर्लभ नीलगिरि तहर (पर्वतीय बकरी) पाई जाती है. यह पार्क जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है.
इडुक्की मसालों की खेती के लिए भी प्रसिद्ध है. यहां इलायची, काली मिर्च, लौंग और जायफल की खेती बड़े पैमाने पर होती है. इसलिए इसे “स्पाइस गार्डन ऑफ केरल” भी कहा जाता है. कृषि और बागान आधारित अर्थव्यवस्था यहां के लोगों की आय का प्रमुख स्रोत है.
जिले में कई झरने, झीलें और ट्रैकिंग स्थल हैं, जो एडवेंचर प्रेमियों को आकर्षित करते हैं. यहां की आदिवासी संस्कृति और स्थानीय परंपराएं भी इसकी पहचान का अहम हिस्सा हैं.
केरल के इडुक्की जिले में 130 साल पुराने मुल्लपेरियार बांध को उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया. ईमेल के जरिये धमकी मिलने के बाद पुलिस और बम स्क्वाड ने तलाशी ली, हालांकि अब तक कुछ संदिग्ध नहीं मिला. इसी दिन सुप्रीम कोर्ट में पुराने बांध की सुरक्षा पर भी सुनवाई हुई.
पुलिस ने बताया कि बाद में मधु, को पड़ोसियों ने सड़क किनारे बेहोशी की हालत में पाया. इसके बाद मधु को राजक्कड़ के एक निजी अस्पताल ले जाया गया. लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी हालत बिगड़ने लगी और फिर उसे थोडुपुझा के एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया.
इडुक्की पुलिस ने बताया कि जिले के थोडुपुझा में एक रबर बागान में जली हुई कार मिली और उसके अंदर एक व्यक्ति मृत अवस्था में पाया गया. यह चौंकाने वाली वारदात तब सामने आई, जब कुछ स्थानीय लोगों ने रबर के बागान के अंदर जलती हुई कार देखी.
इडुक्की जिले का एक बुजुर्ग दोषी पाया गया कि उसने नाबालिग लड़की के साथ बार-बार रेप किया. फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत दोषी को कुल 45 साल की अलग-अलग सजा सुनाई है.