फतेहपुर सीकरी उत्तर प्रदेश (Fatehpur Sikri, Uttar Pradesh) राज्य के आगरा जिले में स्थित एक ऐतिहासिक नगर है, जो अपनी भव्य मुगल स्थापत्य कला और समृद्ध विरासत के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है. यह नगर आगरा से लगभग 40 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है और मुगल सम्राट अकबर द्वारा 16वीं शताब्दी में बसाया गया था. फतेहपुर सीकरी को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल का दर्जा प्राप्त है.
सम्राट अकबर ने फतेहपुर सीकरी को अपनी राजधानी के रूप में विकसित किया था. कहा जाता है कि अकबर ने सूफी संत शेख सलीम चिश्ती के आशीर्वाद से पुत्र प्राप्त होने पर कृतज्ञता स्वरूप इस नगर का निर्माण कराया. संत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह आज भी फतेहपुर सीकरी का प्रमुख आकर्षण है और यहां देश-विदेश से श्रद्धालु मन्नतें मांगने आते हैं.
फतेहपुर सीकरी का स्थापत्य लाल बलुआ पत्थर से निर्मित है, जिसमें हिंदू, इस्लामी और फारसी वास्तुकला का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है. यहां स्थित बुलंद दरवाजा, जो अकबर की गुजरात विजय की स्मृति में बनवाया गया था, एशिया के सबसे ऊंचे प्रवेश द्वारों में से एक है. इसके अलावा दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, पंच महल, जोधा बाई का महल और तुर्की सुल्ताना का महल इस स्थान की भव्यता को दर्शाते हैं.
हालांकि फतेहपुर सीकरी को लंबे समय तक राजधानी नहीं रखा जा सका. पानी की कमी और भौगोलिक कारणों के चलते अकबर को कुछ वर्षों बाद राजधानी को लाहौर और फिर आगरा स्थानांतरित करना पड़ा. इसके बावजूद फतेहपुर सीकरी मुगल काल की गौरवशाली झलक आज भी प्रस्तुत करता है.
आज फतेहपुर सीकरी एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है. इतिहास, कला और संस्कृति में रुचि रखने वालों के लिए यह स्थान अत्यंत आकर्षक है और भारत की सांस्कृतिक विरासत का एक अमूल्य हिस्सा माना जाता है.