मक्का (Corn/Maize) भारत की प्रमुख खाद्यान्न फसलों में से एक है. इसका वैज्ञानिक नाम जीया मेज (Zea mays) है. यह एक अनाज वाली फसल है, जिसकी खेती देश के लगभग सभी राज्यों में की जाती है. मक्का का उपयोग भोजन, पशु चारा, पोल्ट्री फीड और विभिन्न औद्योगिक उत्पादों के निर्माण में किया जाता है. भारत में इसकी खेती खरीफ के साथ-साथ कुछ क्षेत्रों में रबी और जायद मौसम में भी होती है.
मक्का की उत्पत्ति मध्य अमेरिका मानी जाती है, लेकिन आज यह दुनिया के सबसे अधिक उगाए जाने वाले अनाजों में शामिल है. भारत में इसकी खेती उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पंजाब सहित कई राज्यों में बड़े पैमाने पर होती है.
मक्का की फसल के लिए गर्म और मध्यम आर्द्र जलवायु उपयुक्त मानी जाती है। इसकी अच्छी पैदावार के लिए जल निकासी वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी बेहतर रहती है. बीज बोने के बाद सामान्यतः 90 से 120 दिनों में फसल तैयार हो जाती है, हालांकि यह अवधि किस्म और मौसम के अनुसार बदल सकती है.
मक्का के पौधे में एक मुख्य तना होता है, जिसके ऊपर नर पुष्प (टैसल) और बीच के हिस्से में मादा पुष्प से भुट्टा विकसित होता है. भुट्टे के ऊपर रेशमी धागे (सिल्क) दिखाई देते हैं, जो परागण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. फसल पकने के बाद भुट्टों से दानों को अलग कर उनका उपयोग किया जाता है.
भारत में मक्का की कई उन्नत और संकर (हाइब्रिड) किस्में विकसित की गई हैं, जिनका चयन क्षेत्र, मौसम और खेती की आवश्यकता के अनुसार किया जाता है. मक्का का उत्पादन मौसम, सिंचाई, मिट्टी की स्थिति और कृषि प्रबंधन पर निर्भर करता है. वर्तमान समय में यह देश की कृषि व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और खाद्य, पशुपालन तथा उद्योग तीनों क्षेत्रों में इसका व्यापक उपयोग किया जाता है.