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बढ़ती जनसंख्या ने बजाई खतरे की घंटी, देखें आबादी से 'बर्बादी' वाला विश्लेषण

बढ़ती जनसंख्या ने बजाई खतरे की घंटी, देखें आबादी से 'बर्बादी' वाला विश्लेषण

किसी देश की आबादी ज्यादा हो तो जनता के लिए जरूरी संसाधनों का बंटवारा सभी को एक बराबर और जरूरत मुताबिक मिल पाना बेहद मुश्किल होता है. देश की जनसंख्या नियंत्रित होगी, आबादी संतुलित होगी तो सड़क, बिजली, पानी, अस्पताल, दवाई, पढ़ाई, ट्रेन, सब संसाधन सबको मिल पाएंगे. 32 लाख 87 हजार 263 वर्ग किलोमीटर में फैले भारत में 136 करोड़ से ज्यादा लोग रहते हैं. क्षेत्रफल के लिहाज़ से भारत दुनिया में 7वें और आबादी से हिसाब से दूसरे नंबर पर है. देश में क्षेत्रफल, आबादी और आमदनी के असंतुलन का असर समझना मुश्किल नहीं है. देखिए ये रिपोर्ट.

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