समाज में शादी के बाद लड़कियों का सरनेम बदलने का चलन है. लड़की जिस सरनेम वाले लड़के से शादी करती है वो वहीं सरनेम लगाने लगती है. लेकिन संजय सिन्हा ने शादी के बाद भी अपनी पत्नी को सरनेम नहीं बदलने दिया. उनका जो सरनेम पहले था वहीं शादी के बाद भी कायम है.संजय सिन्हा का कहना है कि नाम किसी व्यक्ति की पहचान होता है और शादी के बाद किसी की पहचान बदलना कैसे उचित हो सकता है. जब लड़का शादी के बाद पत्नी का सरनेम नहीं इस्तेमाल करता है तो लड़की क्यों पति का सरनेम अपना नाम के साथ जोड़े. शादी रिश्तों और दिलों का मिलन है इसे नाम बदलने से कमजोर या मजबूत नहीं किया जा सकता.