जो शख्स रिश्तों की भाषा समझ लेता है, वह सचमुच जीने लगता है. संजय सिन्हा आज महात्मा गांधी के जीवन और उनके संदेशों के जरिये रिश्तों की इसी भाषा को समझा रहे हैं...