संजय सिन्हा आज रिश्तों के महत्व से जुड़ी कहानी सुना रहे हैं. वह बताते हैं कि आज के दौर तनहाई जीवन की सबसे बड़ी सजा है. हम अपनों का महत्व तब जान बाते हैं जब दूसरे हमें उसकी खूबी बताते हैं. हालात यह हैं कि लोग किराए पर रिश्ते खरीद रहे हैं. भारत में बुजुर्ग तेजी से बढ़ रहे है और जीवन का अकेलापन उन्हें कचोट रहा है. सोशल मीडिया पर लोग नए-नए दोस्त बना रहे हैं लेकिन अपनी खूनी रिश्तों को ही भूलते जा रहे हैं.