scorecardresearch
 

सोशल मीडिया कंपनियों की 'सीक्रेट मीटिंग', Google को पसंद नहीं Facebook का आइडिया, अब क्या होगा

Google को Facebook और Twitter का बताया एक आइडिया पसंद नहीं आया है. यह आइडिया सोशल मीडिया कंटेंट के मॉडरेशन को लेकर था. दरअसल, फेसबुक और ट्विटर ने सेल्फ रेगुलेटरी बॉडी के प्रपोजल का सपोर्ट किया था. मगर गूगल को इन कंपनियों का यह आइडिया पसंद नहीं आया है. इस मामले में सोशल मीडिया कंपनियों की एक 'क्लोज्ड मीटिंग' हुई थी. आइए जानते हैं इस मीटिंग में क्या हुआ.

Advertisement
X
गूगल पसंद नहीं फेसबुक का आइडिया
गूगल पसंद नहीं फेसबुक का आइडिया

भारत टेक कंपनियों के लिए एक बड़ा मार्केट है. पिछले कुछ वक्त से भारत सरकार कुछ मामलों में सख्त हुई है, खासकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को लेकर. इस मामले में अब फेसबुक और गूगल एक दूसरे के आमने सामने हैं. जहां गूगल दिग्गज सर्च इंजन है. वहीं फेसबुक (पैरेंट कंपनी Meta) सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की दुनिया का बादशाह है. 

इस साल जून में भारत ने कंटेंट मॉडरेशन से जुड़ी शिकयतों के लिए एक सरकारी पैनल नियुक्त करने की पेशकश की थी. हालांकि, सरकार ने टेक कंपनियों को सेल्फ-रेगुलेटरी बॉडी बनाने का भी ऑफर दिया था.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट मॉडरेशन एक बड़ी जिम्मेदारी है. उनके प्लेटफॉर्म पर क्या जा रहा इन सब पर कंपनियों को नजर रखनी होती. फेक न्यूज की छंटनी से लेकर आपत्तिजनक पोस्ट्स को ब्लॉक करने तक यह सभी काम कंटेंट मॉडरेशन का हिस्सा हैं.

फेसबुक का आइडिया गूगल को नहीं पसंद

Reuters की मानें तो गूगल इस पक्ष में नहीं है. फेसबुक और ट्विटर ने सेल्फ रेगुलेटरी बॉडी के आइडिया को सपोर्ट किया है, जबकि गूगल को इस पर आपत्ति है. यह जानकारी सूत्रों के हवाले से दी गई है. 

इस हफ्ते हुई बैठक में Alphabet Inc (गूगल की पैरेंट कंपनी) के एक एक्जीक्यूटिव ने इस पर आपत्ति जाहिर की है. बैठक में शामिल अन्य लोगों से गूगल एक्जीक्यूटिव ने कहा कि वह सेल्फ रेगुलेटरी बॉडी के फायदों को सहमत नहीं हैं.

Advertisement

इस बॉडी का मतलब फैसलों का एक्सटर्नल रिव्यू है, जो गूगल को किसी कंटेंट को लेकर फोर्स कर सकते हैं. भले ही वह कंटेंट गूगल की इंटरनल पॉलिसी का उल्लंघन करता हो. 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 'सीक्रेट मीटिंग'

गूगल एग्जीक्यूिटिव ने कहा कि सेल्फ रेगुलेटरी बॉडी के ऐसे फैसलों के खतरनाक परिणाम हो सकते हैं. इस बैठक में फेसबुक, गूगल, ट्विटर के अलावा Snap Inc (स्नैपचैट की पैरेंट कंपनी) और पॉपुलर भारतीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शेयरचैट भी शामिल थे.

इन सभी कंपनियों के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों यूजर्स मौजूद हैं. ShareChat ने भी सेल्फ रेगुलेटरी बॉडी को लेकर चिंता जाहिर की है. कंपनी ने इस मामले पर और ज्यादा विचार करने की बात कही है.

गूगल ने बताया कि वह इंडस्ट्री और सरकार के साथ एक शुरुआती बैठक में शामिल हो चुका है. वह 'सभी मौजूद ऑप्शन' को एक्सप्लोर कर रहा है, जिससे 'बेस्ट फैसला' लिया जा सके. 

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement