साइबर स्कैमर्स लोगों को ठगने के लिए अलग-अलग तरकीब का यूज करते हैं. ऐसी ही एक नई चाल के बारे में होम मिनिस्ट्री के तहत काम करने वाली एजेंसी इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर्स (I4C) के अंदर काम करने वाले साइबर दोस्त ने बताया है.
साइबर दोस्त I4C ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके बताया है कि साइबर स्कैमर्स कैसे नौजवानों को खासकर Gen-Z को इटर्नशिप के नाम पर शिकार बना रहे हैं. इसमें वे पर्सनल डिटेल्स, बैंक से रुपये और आपके नाम पर लोन तक ले सकते हैं. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
साइबर दोस्त I4C ने पोस्ट करके बताया है कि इंटर्नशिप के नाम पर स्कैम चल रहा है. कॉलेज सर्टिफिकेट और करियर प्रेशर का फायदा उठाकर साइबर स्कैमर्स स्टूडेंट को टारगेट बना रहे हैं.
साइबर दोस्त I4C ने X प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके बताया है कि ये इंटर्नशिप रियल नहीं होती हैं. इसमें ना तो रियल कंपनी होती है और ना ही कोई असली काम होता है. इसमें ईजी टास्क और ईजी मनी जैसा भ्रम तैयार किया जाता है.
साइबर दोस्त I4C का पोस्ट
इंटर्नशिप स्कैम से खुद को बचाने के लिए जरूरी है कि सिर्फ ऑफिशियल पब्लिक और रजिस्टर्ड पोर्टल से ही इंटर्नशिप के लिए एप्लाई करें. लेटर पर रोल, ड्यूरेशन, मेंटर और वर्क डिस्प्रिप्शन क्लियर मेंशन होना चाहिए. इंटर्नशिप के लिए एप्लाई करने से पहले एक बार कंपनी की डिटेल्स और क्लाइंट डिटेल्स को वेरिफाई कर लें.