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फोल्डेबल फोन के बाद 'फोल्डेबल होम'! 4 घंटे में तैयार हो जाएगा ये घर, मिली 2 करोड़ की फंडिंग

शार्क टैंक इंडिया के सीजन 5 में एक ऐसा स्टार्टअप आया जो 4 घंटों में ही घर असेंबल कर देता है. शार्क्स को ये आईडिया बेहद पंसद आया और इस स्टार्टअप को 2 करोड़ रुपये की फंडिंग भी मिली. आइए जानते हैं इसमें क्या है खास.

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Uprear Build को मिली फंडिंग
Uprear Build को मिली फंडिंग

भारत में घर बनाना अब भी लंबी प्रक्रिया है. डिज़ाइन, मटेरियल, मजदूर, मौसम, हर चीज़ टाइमलाइन को प्रभावित करती है. इसी समस्या को हल करने के इरादे से Shark Tank India के नए सीजन में Uprear Build नाम का स्टार्टअप आया. भारत में इस तरह के स्टार्टअप ज्यादा नहीं हैं, लेकिन यूरोप और अमेरिका में ऐसे काफी स्टार्टअप हैं जो घंटों में घर तैयार कर देते हैं. 

कंपनी का मॉडल मॉड्यूलर कंस्ट्रक्शन पर आधारित है. यानी घर के अलग-अलग हिस्से, दीवारें, फर्श, छत, वायरिंग और पाइपलाइन, पहले फैक्ट्री में तैयार किए जाते हैं. इसके बाद इन्हें साइट पर ला कर असेंबल किया जाता है. दावा है कि एक स्टैंडर्ड यूनिट कुछ ही घंटों में साइट पर इंस्टॉल हो सकती है.

दिलचस्प है कि घर का डिजाइन और बिल्ड क्वॉलिटी सॉलिड दिखती है. कंपनी ने दावा किया कि ये 30-40 साल तक इसे यूज किया जा सकता है. हालांकि शार्क्स ने सवाल किए कि ट्रेडिशनल बनाए गए घरों की लाइफ 70-80 साल तक होती है. 

फोल्डेबल घर 

असेंबली एरिया से इस घर को पूरी तरह से फोल्ड करके पैक किया जा सकता है. ट्रक के जरिए इसे साइट पर पहुंचाया जाता है. कुछ घंटों में ही एक्सपर्ट्स इसे इंस्टॉल करके पूरा घर बना देते हैं. कंपनी ने कहा है कि आने वाले समय में मल्टी स्टोरी हाउस का भी स्ट्रक्चर मौजूद होगा. 

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गौरतलब है कि यह तरीका विदेशों में पहले से इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन भारत में यह अभी शुरुआती दौर में है. Uprear Build फिलहाल अपने प्रोडक्ट का इस्तेमाल सरकारी प्रोजेक्ट्स में कर रहा है. 

कंपनी ने दावा किया है कि Uprear Build ने आंगनवाड़ी और छोटे सार्वजनिक भवनों के लिए कंपनी ने मॉड्यूलर यूनिट्स सप्लाई किए हैं. इससे कंपनी को शुरुआती रेवेन्यू मिला है और ग्राउंड लेवल पर टेक्नोलॉजी टेस्ट हो रही है.

Shark Tank में पिच के दौरान Sharks ने टेक्नोलॉजी से ज्यादा फोकस बिजनेस स्केल पर रखा. सवाल था ... क्या यह मॉडल बड़े पैमाने पर रेसिडेंशियल हाउसिंग में अपनाया जा सकता है? और क्या भारत में ग्राहक फैक्ट्री-बिल्ट घर पर भरोसा करेंगे? 

मिली 2 करोड़ रुपये की फंडिंग

इस कंपनी को कुणाल बहल की तरफ 2 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली. इसके बदले कुणाल बहल को कंपनी में 2.5% की इक्विटी मिलेगी. इस स्टार्टअप में अनुपम मित्तल ने भी दिलचस्पी दिखाई, लेकिन डील नेगोसिएशन के बाद इस स्टारअटप ने कुणाल का ही ऑफर ऐक्सेप्ट किया.

डील के बाद कंपनी को फंडिंग मिली है, लेकिन साथ ही यह शर्त भी कि आने वाले समय में बड़े ऑर्डर और बेहतर मार्जिन दिखाने होंगे. यानी टेक्नोलॉजी काम कर रही है, लेकिन बिजनेस मॉडल को अब बड़े स्केल पर साबित करना बाकी है.

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कुल मिलाकर Uprear Build एक नया तरीका पेश कर रहा है, जहां कंस्ट्रक्शन साइट पर काम कम और फैक्ट्री में काम ज्यादा होता है. अगर यह मॉडल सफल होता है, तो भारत में घर बनाने की टाइमलाइन और लागत दोनों में बदलाव आ सकता है. फिलहाल, स्टार्टअप अपने अगले ग्रोथ फेज की तैयारी में है.

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