WhatsApp दावा करता है कि यूजर्स की चैट्स एन्क्रिप्टेड हैं. यानी आप क्या बातचीत कर रहे हैं, उसे कंपनी या कोई और पढ़ नहीं सकता है. इस मामले में एक ग्रुप ने चौंकाने वाला दावा किया है. मेटा प्लेटफॉर्म्स पर आरोप है कि कंपनी ने प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर झूठा दावा किया है. (Photo: Unsplash)
WhatsApp पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन मिलता है, जो ऐप का एक खास फीचर है. बल्कि बहुत से लोग वॉट्सऐप को इसके प्राइवेसी फीचर्स की वजह से ही यूज करते हैं. इस एन्क्रिप्शन का मतलब है कि किसी मैसेज को सिर्फ सेंडर और रिसीवर ही पढ़ सकते हैं. (Photo: Unsplash)
इसे कंपनी भी नहीं पढ़ सकती है. कंपनी का ये फीचर डिफॉल्ट रूप से ऑन रहता है. इस मामले में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में शुक्रवार को केस फाइल किया गया है. इसमें आरोप लगाया गया है कि मेटा ने झूठे दावे किए हैं. (Photo: Unsplash)
इस केस में आरोप लगाया गया है कि WhatsApp सभी यूजर्स के प्राइवेट मैसेज को स्टोर, एनालाइज और पढ़ सकता है. साथ ही आरोप है कि वॉट्सऐप ने दुनिया भर के अरबों यूजर्स को गुमराह किया है. (Photo: Unsplash)
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि विशलब्लोअर ने उन्हें ये सच सामने लाने में मदद की है. मेटा के स्पोक्सपर्सन ने इन आरोपों को 'तुच्छ' बताया है और कहा है कि कंपनी आरोप लगाने वाले ग्रुप के खिलाफ कार्रवाई करेगी. (Photo: Unsplash)
मेटा के स्पोक्सपर्सन एंडी स्टोन ने एक ईमेल के जरिए इन आरोपों का खंडन किया है. उन्होंने कहा है कि वॉट्सऐप मैसेज एन्क्रिप्टेड नहीं हैं इस तरह का कोई भी आरोप गलत और बेतुका है. (Photo: Unsplash)