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सिस्तेमा श्याम के अधिग्रहण के लिए आरकॉम को मिली सीआईआई की मंजूरी

रूस की टेलीकॉम कंपनी सिस्तेमा भारत में सिस्तेमा श्याम (MTS) के नाम से सर्विस देती है. अब भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने इसे रिलायंस कम्यूनिकेशन के साथ विलय के लिए हरी झंडी दे दी है.

RCOM और MTS विलय RCOM और MTS विलय

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने सिस्तेमा श्याम दूरसंचार को रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) में विलय को अनुमति दे दी. आरकॉम ने सोमवार को शेयर बाजारों को दी गई नियामकीय सूचना में कहा, '14 जनवरी, 2016 के पत्र के आलोक में मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि सीसीआई ने सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसिस लिमिटेड के दूरसंचार कारोबार के कंपनी में विलय की अनुमति दे दी है'

सौदे की जानकारी रखने वाले एक सूत्र के मुताबिक , इससे रिलायंस कम्युनिकेशंस के पास कम से कम 15 साल के लिए सभी 22 सर्किलों में 4जी सेवा का लाइसेंस उपलब्ध हो जाएगा और कुछ सर्किलों में यह लाइसेंस 20 साल के लिए भी उपलब्ध रहेगा. गौरतलब है कि रूस की कंपनी सिस्तेमा अभी देश में एमटीएस ब्रांड के तहत कारोबार करती है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह सौदा 15 हजार करोड़ रुपये का है और रिलायंस कम्युनिकेशंस को अब 2021 तक कोई स्पेक्ट्रम खरीदने की जरूरत नहीं है. उद्योगपति अनिल अंबानी की कंपनी आरकॉम और एयरसेल के भी प्रमोटरों से संभावित विलय पर बात कर रही है.

आरकॉम ने पिछले महीने कहा था कि उसने 16 सर्किलों में 800-850 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए स्पेक्ट्रम साझेदारी और व्यापार शुल्क रूप में सरकार को 5,383.54 करोड़ रुपये का भुगतान किया है. कंपनी ने इससे पहले नौ सर्किलों में रिलायंस जियो के साथ स्पेक्ट्रम साझेदारी और व्यापार पर एक समझौता किया था.

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