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योग में गोल्ड मेडलिस्ट बेटी कर रही हैं दिहाड़ी मजदूरी

गोल्ड मेडल विजेता इस लड़की के परिजन इतने गरीब है कि वो अपनी इस लाडली का पढ़ाई लिखाई का खर्चा भी वहन नहीं कर पा रहे है. परिवार की माली हालत ख़राब होने के चलते दामिनी साहू नामक इस लड़की को मेहनत मजदूरी करनी पड़ रही है.

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दामिनी साहू
दामिनी साहू

एक ओर पूरा देश और केंद्र सरकार समेत बीजेपी शासित राज्यों की सरकार योग को प्रचारित करने में जोरशोर से जुटी हुई है. वही योग की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओ में बाजी मारने वाली छत्तीसगढ़ की एक लड़की अपनी आजीविका चलाने के लिए मेहनत मजदूरी कर रही है. गोल्ड मेडल विजेता इस लड़की के परिजन इतने गरीब है कि वो अपनी इस लाडली का पढ़ाई लिखाई का खर्चा भी वहन नहीं कर पा रहे है. परिवार की माली हालत ख़राब होने के चलते दामिनी साहू नामक इस लड़की को मेहनत मजदूरी करनी पड़ रही है.

हाल ही में 6 से 9 मई तक नेपाल में आयोजित साऊथ एशियन योगा स्पोर्ट्स में दामिनी ने पाकिस्तानी खिलाडी को हरा कर गोल्ड मेडल हासिल किया था. बताया जा रहा है कि इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए दामिनी के परिजनों ने स्थानीय साहूकार से कर्ज लिया था. इसके बाद उसे बड़ी आशा और उम्मीदों के साथ नेपाल भेजा. परिजनों की मेहनत रंग लाई और दामिनी गोल्ड मेडल लेकर लौटी. इसके अलावा कई और प्रतियोगिताओ में दामिनी ने अपना दमखम दिखाया है.

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धमतरी जिले के कुरुद ब्लॉक के दर्रा गावं में दामिनी का घर है. दसवीं तक की पढ़ाई करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए उसके परिजन तैयार नहीं हुए. उसे मेहनत मजदूरी के काम में झोक दिया गया, ताकि घर परिवार के और भी सदसयो की परवरिश हो सके. दामिनी के परिवार में उसके माता पिता के अलावा दो और भाई बहन है. जिनकी पढ़ाई लिखाई से लेकर परिवार का खर्च चलाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है.

फिलहाल दामिनी अपना कैरियर छोड़ मेहनत मजदूरी कर रही है. उसे उम्मीद है कि घर की माली हालत सुधरते ही वो अपना सपना साकार करेगी. दामिनी के मुताबिक वो शिक्षक बनना चाहती है. परिवार की गाडी पटरी पर आते ही वो आगे की पढ़ाई लिखाई करेगी.

 

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