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... जब अपनी 'पहचान' को लेकर असहज महसूस करने लगी थीं ओसाका

जापानी टेनिस स्टार नाओमी ओसाका ने फ्रेंच ओपन छोड़ने का फैसला किया है. उनके इस फैसले ने टेनिस जगत में भूचाल ला दिया है. वर्ल्ड नंबर-2 ओसाका ने 30 मई को पहले दौर के मुकाबले में जीत हासिल की थी.

Naomi Osaka (Reuters) Naomi Osaka (Reuters)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जापानी टेनिस स्टार नाओमी ओसाका ने फ्रेंच ओपन छोड़ने का फैसला किया
  • उनके इस फैसले ने टेनिस जगत में भूचाल ला दिया है

जापानी टेनिस स्टार नाओमी ओसाका ने फ्रेंच ओपन छोड़ने का फैसला किया है. उनके इस फैसले ने टेनिस जगत में भूचाल ला दिया है. वर्ल्ड नंबर-2 ओसाका ने 30 मई को पहले दौर के मुकाबले में जीत हासिल की थी. लेकिन टूर्नामेंट के नियमों के तहत संवाददाता सम्मेलन में नहीं आने के कारण फ्रेंच ओपन प्रबंधन की ओर से ओसका पर 15 हजार डॉलर (लगभग 11 लाख रु.) का जुर्माना लगाया गया. इसके बाद ओसाका ने टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया. ओसाका ने कहा कि वह 2018 में अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के बाद से ही मानसिक तनाव का सामना कर रही हैं. 

23 साल की ओसाका चार बार ग्रैंड स्लैम का खिताब जीत चुकी हैं. ओसाका टेनिस इतिहास में सबसे ज्यादा सलाना कमाई करने वाली महिला एथलीट हैं. बीते 12 महीनों में उन्होंने लगभग 55.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 402 करोड़ रुपये) कमाए. उन्होंने यह कमाई टेनिस कोर्ट से बाहर की है, जो एक रिकॉर्ड है. 

इस वजह से मां ने नाम रख दिया 'ओसाका'

ओसाका का जन्म 16 अक्टूबर 1997 को जापान के ओसाका में हुआ था. नाओमी ओसाका की बड़ी बहन मैरी ओसाका भी टेनिस प्लेयर रह चुकी हैं. नाओमी ओसका के पिता (लियोनार्डो फ्रांसिस) कैरेबियाई देश हैती के थे और मां (तमाकी ओसाका) जापानी मूल की. अश्वेत पिता की संतान होने के चलते नाओमी को बचपन से ही भेदभाव का सामना करना पड़ा. मां ने अपनी दोनों बेटियों को अपना 'ओसाका' उपनाम दिया, ताकि आगे उन्हें अपनी पहचान को लेकर कोई संकट न झेलना पड़े.

जब ओसाका 3 वर्ष की थीं, तब उनका परिवार जापान से संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) चला गया. वह अपने माता-पिता के साथ लॉन्ग आईलैंड में बस गए. उस दौर में टेनिस की दुनिया में विलियम सिस्टर्स (सेरेना विलियम्स और वीनस विलियम्स) का जादू छाया हुआ था. नाओमी के पिता को भी टेनिस बहुत पसंद था. वह अक्सर अपनी बेटियों के साथ टेनिस मैच देखने जाया करते थे. 1999 के फ्रेंच ओपन में विलियम सिस्टर्स से प्रभावित होकर उन्होंने अपनी बेटियों को टेनिस खिलाड़ी बनाने का प्रण लिया. बेटियों को टेनिस सिखाने के लिए वह बाद में फ्लोरिडा आकर रहने लगे.

16 साल की उम्र में किया था कमाल

2014 में 16 साल की उम्र में नाओमी ओसाका ने यूएस ओपन चैंपियन समांथा स्टोसुर को हराकर तहलका मचा दिया. जिसके बाद हर तरफ इस अश्वेत जापानी खिलाड़ी की चर्चा होने लगी. ओसाका एक बार फिर अपनी पहचान को लेकर असहज महसूस करने लगीं. कोई उन्हें जापानी-अमेरिकी कहता, तो कोई हैतियन-जापानी.

2016 में नाओमी ‘टोरे पैन पैसिफिक ओपन’ के फाइनल में पहुंचने के बाद टॉप-50 खिलाड़ियों में शामिल हो गईं. 2016 के सीजन के अंत में डब्ल्यूटीए (WTA) ने ओसाका को 'न्यूकमर ऑफ द ईयर' के रूप में नामित किया. 

2018 में ओसाका ने इंडियन वेल्स में अपने करियर का पहला डब्ल्यूटीए खिताब जीता. इस टूर्नामेंट में उन्होंने विश्व की पूर्व नंबर-1 खिलाड़ी मारिया शारापोवा को भी मात दी थी. 

इस जीत ने नंबर-1 पर पहुंचा दिया था

इसके बाद ओसाका ने सितंबर 2018 में सेरेना विलियम्स को मात देकर यूएस ओपन का खिताब जीत लिया. ओसाका ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाली पहली जापानी खिलाड़ी बन गईं. जनवरी 2019 में ऑस्ट्रेलिया ओपन की जीत ने ओसाका को नंबर-1 पर पहुंचा दिया. वह नंबर-1 रैंकिंग हासिल करने वाली पहली एशियाई (महिला और पुjgष दोनों में) खिलाड़ी बन गई थीं. 

फिर यूएस ओपन 2020 के फाइनल में ओसाका ने विक्टोरिया अजारेंका को हराकर अपना तीसरा ग्रैंड स्लैम खिताब जीता. इस साल ऑस्ट्रेलिया ओपन के सेमीफाइनल में सेरेना और ओसाका का फिर से आमना-सामना हुआ. ओसाका ने एक बार फिर सेरेना पर 6-3, 6-4 से जीत दर्ज की. इसके बाद फाइनल मुकाबले में ओसाका ने जेनिफर ब्रैडी पर 6-4, 6-3 से हराकर एक और ग्रैंड स्लैम अपने नाम किया. 

नस्लीय हिंसा के खिलाफ उतर चुकी हैं

नाओमी ओसाका नस्लीय हिंसा के खिलाफ भी अपनी आवाज बुलंद करती आई हैं. पिछले साल अमेरिका में अश्वेत नागरिक जैकब ब्लेक पुलिस की बर्बरता का शिकार हुए थे. इस घटना के विरोध में नाओमी ओसाका ने वेस्टर्न एंड सदर्न ओपन के सेमीफाइनल से हटने का फैसला किया था, जिसके बाद मैच को एक दिन के लिए टालना पड़ा था. बाद में ओसाका सेमीफाइनल मुकाबला खेलने लिए तैयार हो गईं और कोर्ट में 'ब्लैक लाइव्ज मैटर' लिखी टी-शर्ट पहनकर उतरी थीं.

2020 यूएस ओपन 2020 में ओसाका ने अफ्रीकी अमेरिकियों के नाम प्रदर्शित करने वाले मास्क पहने थे, जो पुलिस की बर्बरता के शिकार हुए थे. फाइनल मैच में उन्होंने 12 साल के लड़के तामिर राइस के नाम का मास्क पहना था, जिसे श्वेत पुलिसकर्मी ने 2014 में ओहायो में गोली मार दी थी.
 

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