सर्विस जजों के संदिग्ध फैसलों से निपटने के लिए विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) ने अगले साल होने वाली ऑल इंग्लैंड ओपन चैंपियनशिप से एक प्रायोगिक सर्विस नियम को शुरू करने का फैसला किया है. सर्विस जजों के विवादास्पद फैसलों की दुनियाभर के खिलाड़ियों और कोचों द्वारा आलोचना के बाद बीडब्ल्यूएफ अब प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में यह प्रयोग शुरू करेगा, जिसमें अगले साल बैंकॉक में होने वाले बीडब्ल्यूएफ थॉमस एवं उबेर कप फाइनल्स और नानजिंग में होने वाली बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप शामिल है.
बीडब्ल्यूएफ परिषद ने हाल में जमैका के मोंटेगो बे में बैठक में कई फैसले किए जिसमें इस नियम को लागू करना भी शामिल था. इस नियम को लागू करने के लिए बैडमिंटन के नियमों में प्रस्तावित बदलाव मई में बीडब्ल्यूएफ की वार्षिक आम बैठक में रखा जाएगा.
शटल कोर्ट की सतह से 1.15 मीटर की ऊंचाई से नीचे रहनी चाहिए
इस नियम के अनुसार सर्विस करने वाले के रैकेट से टकराते समय पूरी शटल कोर्ट की सतह से 1.15 मीटर की ऊंचाई से नीचे रहनी चाहिए. बीडब्ल्यूएफ विश्व जूनियर चैंपियनशिप को छोड़कर सभी ग्रेड एक प्रतियोगिताओं, ग्रेड दो प्रतियोगिताओं (नई बीडब्ल्यूएफ टूर्नामेंट सीरीज) और महाद्वीपीय प्रतियोगिताओं में अप्रैल में इसे लागू किया जाएगा. फिलहाल यह प्रयोग साल के अंत तक चलने की उम्मीद है.