अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने मान्यता दिशानिर्देशों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए भारतीय टेलीविजन न्यूज चैनलों पर भारत और श्रीलंका के बीच शनिवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होने वाले क्रिकेट विश्व कप के फाइनल मैच की कवरेज पर पाबंदी लगा दी.
फाइनल मैच से पूहले आयोजित भारत और श्रीलंका के कप्तानों और आईसीसी अध्यक्ष शरद पवार के संवाददाता सम्मेलन में शामिल होने आए चैनलों प्रतिनिधियों से वानखेड़े स्टेडियम परिसर से बाहर रहने के लिए कहा गया.
न्यूज ब्रोडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) और आईसीसी के बीच गुरुवार की रात लंबी बातचीत होने के बावजूद कवरेज को लेकर कोई बीच का हल नहीं निकल सका.
शुक्रवार की सुबह जब स्टेडियम के अंदर रिपोर्टर मैच से पहले की कवरेज के लिए गए तो उनसे कहा गया कि वो मैच और उससे संबंधित कवरेज नहीं कर सकते.
आईसीसी ने कुछ रिपोर्टरों से यहां तक कहा कि आप लोग यहां से उठ कर बाहर चले जाएं नहीं तो आपको उठा कर बाहर फेंका जाएगा.
आईसीसी के इस बैन पर बीजेपी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने आईसीसी से भारतीय इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर लगाये गये रोक को हटा लेने की अपील की है. वहीं पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने इसे सही नहीं माना और कहा कि भारतीय मीडिया को स्टेडियम से मैच कवर करने की इजाजत दी जानी चाहिए.
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच मोहाली में हुए सेमीफाइनल मैच को लेकर भी इसी तरह की पाबंदी लगाई गई थी जिसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के दखल के बाद यह मामला अस्थाई तौर पर सुलझा था.
आईसीसी की इसी पाबंदी की वजह से सेमीफाइनल में प्रिंट मीडिया के कई पत्रकार थे लेकिन इलेक्ट्रानिक मीडिया के चंद पत्रकार ही प्रवेश पा सके.
आईसीसी ने कई न्यूज चैनलों पर प्रसारण नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.