डाउ कैमीकल लंदन के ओलंपिक स्टेडियम से अपने लोगो हटाने को राजी हो गया है लेकिन भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने कहा कि वह इस कदम से संतुष्ट नहीं है और चाहता है कि यह अमेरिकी कंपनी 2012 खेलों से अपना प्रायोजन हटा ले.
डाउ ने कहा कि वह स्टेडियम के चारों तरफ लगने वाले विवादास्पद ‘फैब्रिक’ में अपने ब्रांड का नाम लगाने के प्रायोजक अधिकार को खत्म करके 2012 खेलों के ‘विजन’ से सहमत हो गया है. भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े लोग इस अमेरिकी कंपनी के ओलंपिक से जुड़ने को लेकर नाराज थे.
इस अमेरिकी कंपनी को लार्ड सबेस्टियन को की आयोजन समिति (एलओसीओजी) ने अगस्त में लंदन 2012 खेलों का प्रायोजक बनाया था. डाउ के प्रवक्ता स्काट व्हीलर ने कहा, ‘डाउ और एलओसीओजी के बीच करार पांच ‘टेस्ट पैनल’ की ब्रांडिंग तक सीमित था जिसे अगले कुछ महीनों में खेलों से पहले हटा लिया जाएगा और यह अंतिम डिजाइन का हिस्सा नहीं होगा.’
इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए आईओए के कार्यकारी अध्यक्ष वीके मल्होत्रा ने कहा कि उन्हें स्पष्ट नहीं है कि इसका असल में क्या मतलब है और कहा कि आईओए लंदन ओलंपिक के प्रायोजन से डाउ कैमीकल को पूरी तरह से हटाने की अपनी मांग पर बना रहेगा.
मल्होत्रा ने कहा, ‘मैंने भी सुना है कि डाउ कैमीकल सजावटी कपड़े से अपना लोगो हटाने को राजी हो गया है लेकिन मुझे नहीं पता कि इसका क्या मतलब है.’ उन्होंने कहा, ‘हमारी मांग है कि डाउ को प्रायोजक के तौर पर हटाया जाना चाहिए और हमने ओलंपिक समिति को कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है. हम इस संबंध में डाउ और आईओसी दोनों को पत्र भेज रहे हैं.’
उन्होंने कहा, ‘इसलिए हम बस इतना चाहते हैं कि उसे प्रायोजक के तौर पर हटा दिया जाये और हम सिर्फ लोगो हटाये जाने से संतुष्ट नहीं होंगे.’