गंभीर ने कहा, 'मैंने कभी ऐसा नहीं सुना था कि किसी को 2012 में ये कह दिया गया हो कि वो 2015 वर्ल्ड कप का हिस्सा नहीं होंगे. मेरे मन में हमेशा यही बात थी कि अगर आप लगातार रन बनाते रहेंगे तो उम्र तो केवल एक नंबर है.' गंभीर ने कहा, 'ऑस्ट्रेलिया में जब हमे एक जीत की बेहद जरूरत थी, तो मुझे याद है कि होबार्ट में, वीरू और सचिन ने ओपनिंग की थी और मैं नंबर तीन पर खेला था और विराट चार पर. भारत वो मैच जीत गया था और हमने 37 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया. सीरीज की शुरुआत में हम एक साथ नहीं खेले थे, हमे रोटेट किया जा रहा था. जब जीत की बेहद जरूरत थी, तब एमएस ने हम तीनों को खिलाया.' गंभीर ने कहा, 'अगर आपने कोई फैसला किया है तो उस पर टिके रहे. आपने पहले से जो सोच लिया है, उससे पीछ ना हटें.'