पेरिस ओलंपिक 2024 के आठवें दिन यानी 3 अगस्त को भारतीय फैन्स की निगाहें स्टार निशानेबाज मनु भाकर पर थीं, जो वूमेन्स 25 मीटर पिस्टल के फाइनल में भाग ले रही थीं. मनु से इस फाइनल में मेडल जीतने की उम्मीद थी, लेकिन वह चौथी पोजीशन पर रहीं. मनु भाकर इसके साथ ही इस ओलंपिक में मेडल की महाहैट्रिक बनाने से चूक गईं. मैच के बाद सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर मनु भाकर ने पोस्ट कर मिल रही शुभकामनाओं और बधाई के लिए सभी को धन्यवाद दिया. उन्होंने समर्थन के लिए सभी का आभार जताया.
मनु भाकर ने X पर लिखा, 'मैं सभी लोगों द्वारा भेजे जा रहे समर्थन और शुभकामनाओं से बेहद अभिभूत हूं. 2 कांस्य पदक जीतना एक सपना सच होने जैसा है. यह उपलब्धि सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि उन सभी की है जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया और मेरा साथ दिया. मैं अपने परिवार, कोच जसपाल राणा सर और NRAI, TOPS, SAI, OGQ, परफ़ॉर्मैक्स और खास तौर पर हरियाणा सरकार सहित मेरे साथ खड़े सभी लोगों के अटूट समर्थन के बिना ऐसा नहीं कर पाती. मेरे सभी शुभचिंतकों के साथ अपने देश के लिए सबसे बड़े मंच पर प्रतिस्पर्धा करना और प्रदर्शन करना मेरे लिए बहुत गर्व और खुशी का क्षण है. इस अविश्वसनीय यात्रा का हिस्सा बनने और हर कदम पर मेरे साथ खड़े रहने के लिए आप सभी का धन्यवाद. आपका प्रोत्साहन मेरे लिए बहुत मायने रखता है! पेरिस में मेरे अभियान का एक कड़वा-मीठा अंत लेकिन #TeamINDIA की सफलता में योगदान देकर खुश हूं. जय हिंद.'
शूटऑफ में जीती हंगरी की निशानेबाज
मनु भाकर फाइनल मुकाबले में एक समय मेडल जीतने की स्थिति में थीं. सात सीरीज की समाप्ति के बाद मनु भाकर दूसरे नंबर पर कायम थीं. उस समय रेस में सिर्फ चार शूटर बची थीं. इसके बाद फिर आठवीं सीरीज हुई, जिसकी समाप्ति के बाद एक शूटर को एलिमिनेट होना था. आठवीं सीरीज में मनु के पांच में से सिर्फ 2 शॉट निशाने पर रहे. ऐसे में मनु और हंगरी की वेरोनिका मेजर के एक समान 28-28 अंक हो गए.
ओलंपिक की किसी निशानेबाजी इवेंट के फाइनल में यदि एलिमिनेशन स्टेज में दो शूटर्स के समान अंक होते हैं, तो शूटऑफ का सहारा लिया जाता है. ऐसे में मनु और वेरोनिका में से एक शूटर को चौथे स्थान पर फिनिश करना था, जिसके लिए शूटऑफ का सहारा लिया गया. शूटऑफ में हंगरी की शूटर ने 5 में से 3 शॉट सही लगाए. वहीं मनु भाकर 5 में से दो शॉट निशाने पर लगा सकीं.
फाइनल में मनु भाकर का प्रदर्शन
सीरीज 1- 2/5 शॉट
सीरीज 2- 4/5
सीरीज 3- 4/5
सीरीज 4- 3/5
सीरीज 5- 5/5
सीरीज 6- 4/5
सीरीज 7- 4/5
सीरीज 8- 2/5 शूटऑफ- 2/5
साउथ कोरिया की जिन यांग ने इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल जीता. वहीं फ्रांस की कैमिली जेड्रेजेव्स्की ने सिल्वर हासिल किया. जिन और कैमिली के 37-37 अंक थे, ऐसे में शूटऑफ का सहारा लिया गया. हंगरी की वेरोनिका मेजर ने कांस्य पदक जीता. वूमेन्स 25 मीटर पिस्टल के फाइनल मुकाबले में कुल 8 शूटर्स ने भाग लिया था.
मनु भाकर अगर इस इवेंट में मेडल जीत लेतीं तो वह भारत की सबसे बड़ी एथलीट बन जातीं, क्योंकि कभी भी कोई भारतीय खिलाड़ी व्यक्तिगत तौर पर 3 मेडल नहीं जीत पाया है. मनु भाकर ने व्यक्तिगत 10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य पदक जीतने के बाद सरबजोत सिंह के साथ मिलकर मिश्रित टीम वर्ग में भी कांस्य पदक जीता था. वह एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं. खास बात यह है कि इस ओलंपिक में भारत के तीनों ही मेडल शूटिंग में ही आए हैं.