भारतीय रेसलर विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक में वूमेन्स 50 किलो फ्रीस्टाइल कुश्ती के फाइनल में पहुंचकर इतिहास रचा था. पहली बार कोई भारतीय रेसलर फाइनल में पहुंची थी. फाइनल में विनेश से गोल्ड की उम्मीद थी, मगर उससे पहले ही अनहोनी हो गई. विनेश को 100 ग्राम ज्यादा वजन के चलते फाइनल मुकाबले के दिन डिस्क्वालिफाई कर दिया गया था.
विनेश फोगाट ने इस फैसले के खिलाफ कोर्ट ऑफ अर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) में अपील की और मांग की कि उन्हें संयुक्त रजत पदक दिया जाए. हालांकि CAS ने स्टार रेसलर विनेश फोगाट की अपील खारिज कर दी थी. विनेश मेडल ना जीत पाईं, लेकिन उनका स्वदेश लौटने पर चैम्पियन जैसा स्वागत हुआ था. विनेश 17 अगस्त को पेरिस से स्वदेश वापस आई थीं. विनेश दिल्ली से अपने पैतृक गांव बलाली गई हैं. बलाली जाने के क्रम में उनका जोरदार स्वागत हुआ था.
विनेश को लेकर किया गया था ये दावा, पति ने बताई सच्चाई
विनेश फोगाट पेरिस ओलंपिक में अपने शानदार प्रदर्शन के चलते सोशल मीडिया में छाई हुई हैं. विनेश को लेकर एक पोस्ट वायरल हुआ है, जिसमें इस भारतीय रेसलर को इनामी राशि के तौर पर विभिन्न संगठनों से करीब 16.35 करोड़ रुपये मिलने का दावा किया गया. ये पोस्ट सुभाष फौजी नाम के एक यूजर ने एक पोस्ट शेयर किया था.
अब उस दावे का विनेश फोगाट के पति सोमवीर राठी ने खंडन किया है. सोमवीर ने अपने X अकाउंट पर लिखा, 'निम्नलिखित संस्थाओं, व्यापारियों, कंपनियों और पार्टियों द्वारा विनेश फोगाट को कोई धनराशि प्राप्त नहीं हुई है. आप सभी हमारे शुभचिंतक लोग हैं, कृपया झूठी खबरें न फैलाएं. इससे हमारा नुकसान तो होगा ही. सामाजिक मूल्यों का भी नुकसान होगा. यह सस्ती लोकप्रियता पाने का साधन मात्र है.'

हरियाणा सरकार की ओर से 4 करोड़
हरियाणा सरकार पहले ही कह चुकी थी कि विनेश फोगाट का स्वागत और अभिनंदन एक मेडलिस्ट की तरह ही किया जाएगा. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा था कि सरकार ओलंपिक रजत पदक विजेता को जो सम्मान, इनाम और सुविधाएं देती है वे सभी विनेश फोगाट को भी कृतज्ञता पूर्वक दी जाएंगी. हरियाणा सरकार की खेल नीति के मुताबिक सिल्वर मेडलिस्ट को चार करोड़ रुपये मिलते हैं, यानी विनेश को भी इतनी रकम मिलनी है.