भारत की स्टार शटलर साइना नेहवाल गुरुवार (17 मार्च) को 32 साल की हो गई हैं. कराटे चैम्पियन से बैडमिंटन में आईं साइना ने करियर में कई बड़े रिकॉर्ड कायम किए हैं. उन्होंने ओलंपिक में देश को बैडमिंटन में पहला मेडल दिलाया था. इसके अलावा भी उन्होंने कई बड़े टूर्नामेंट में देश का नाम रोशन किया है.
साइना का जन्म 17 मार्च 1990 को हरियाणा के हिसार में हुआ था. जाट परिवार में जन्म लेने वाली साइना के पिता डॉ. हरवीर सिंह नेहवाल और माता का नाम उषा नेहवाल है. साइना की दादी को बेटे की चाहत थी, इसलिए उन्होंने जन्म के करीब एक महीने तक साइना का चेहरा नहीं देखा था.
पिता ने साइना का पूरा साथ दिया
साइना के माता-पिता बैडमिंटन खिलाड़ी थे, इस कारण उन्हें यह प्रोफेशन चुनने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई. मां ने जरूर विरोध किया, लेकिन पिता ने साइना का पूरा साथ दिया. साइना ने अपने करियर की शुरुआत हैदराबाद के लाल बहादुर स्टेडियम में ट्रेनिंग लेने से शुरू की थी. उनके कोच नानी प्रसाद थे.
साइना देश को ओलंपिक में पहला मेडल दिलाने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन प्लेयर भी हैं. उन्होंने यह उपलब्धि 2012 के लंदन ओलंपिक में हासिल की थी. तब साइना ने महिला सिंगल्स इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. साथ ही उन्होंने 2009 में इंडोनेशिया ओपन जीतते हुए सुपर सीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया था. तब वह यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं.
साइना ने कॉमनवेल्थ में 3 गोल्ड जीते
साइना ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया है. इस टूर्नामेंट में उन्होंने अब तक तीन गोल्ड जीते हैं. साइना ने दो गोल्ड (2010 और 2018) सिंगल्स इवेंट और एक गोल्ड (2018) मिक्स्ड टीम में जीता है. वह दो गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट भी हैं. इसके अलावा साइना ने कॉमनवेल्थ में एक सिल्वर (2010) मिक्स्ड टीम और एक ब्रॉन्ज (2006) भी जीता है.
एक नजर साइना के रिकॉर्ड्स पर...
- ओलंपिक में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन प्लेयर
- पहली भारतीय और सबसे युवा एशियन, जिन्होंने 4-स्टार टूर्नामेंट जीता
- सुपरसीरीज का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट
- कॉमनवेल्थ के सिंगल्स में दो गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय प्लेयर