भारतीय शतरंज खिलाड़ी आर. वैशाली ने इतिहास रचते हुए FIDE विमेंस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया. इसके साथ ही वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं.
इस जीत के चलते वैशाली अब चीन की मौजूदा विश्व चैम्पियन जू वेनजुन (Ju Wenjun) को महिला विश्व चैम्पियनशिप टाइटल के लिए चुनौती देंगी. जू वेनजुन पांच बार की विश्व चैम्पियन हैं और लंबे समय से महिला शतरंज पर अपना दबदबा बनाए हुए हैं. ऐसे में वैशाली के सामने एक बड़ी चुनौती होगी, लेकिन उनकी हालिया फॉर्म को देखते हुए भारतीय प्रशंसकों को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं.
टूर्नामेंट के अंतिम दौर में आर. वैशाली के सामने रूस की अनुभवी खिलाड़ी कटेरीना लैग्नो थीं. खिताब जीतने के लिए उन्हें यह मुकाबला जीतना जरूरी था. साथ ही उन्हें यह भी उम्मीद थी कि उनकी प्रतिद्वंद्वी बिबिसारा असाउबायेवा अंक गंवाएं. वैशाली के लिए स्थिति तब अनुकूल बनी जब भारत की ही युवा खिलाड़ी दिव्या देशमुख ने असाउबायेवा को ड्रॉ पर रोक दिया. इसके बाद अंतिम दौर में सफेद मोहरों से खेलते हुए वैशाली ने लैग्नो को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया.
पूरे टूर्नामेंट के दौरान आर. वैशाली ने शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने लैग्नो, टैन झोंगयी और एलेक्जेंड्रा गोरियाचकिना जैसी मजबूत खिलाड़ियों को हराया. वहीं अन्ना मुज़िचुक जैसी अनुभवी खिलाड़ी के खिलाफ महत्वपूर्ण ड्रॉ भी हासिल किया. हालांकि, उन्हें टूर्नामेंट में दो हार का सामना करना पड़ा, दोनों बार चीन की झू जिनर ने उन्हें हराया, लेकिन वैशाली ने हर हार के बाद शानदार वापसी की और खिताब की दौड़ में बनी रहीं.
भारत के दिग्गज शतरंज खिलाड़ी विश्वानाथ आनंद ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि अब भारत दोनों विश्व खिताब मुकाबलों में प्रतिनिधित्व करेगा. भारत के डी गुकेश पहले ही ओपन वर्ल्ड चैम्पियन हैं. टूर्नामेंट जीतने के बाद वैशाली ने कम से कम 28,000 यूरो की पुरस्कार राशि सुनिश्चित की. इसके अलावा, उन्हें हर आधे अंक के लिए अतिरिक्त 2,200 यूरो भी मिले हैं.
अब सबकी नजरें वैशाली और जू वेनजुन के बीच होने वाले विश्व चैम्पियनशिप मुकाबले पर रहेगी, जिसे महिला शतरंज के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक माना जा रहा है.