प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को घोषणा की कि भारत 2036 ओलंपिक खेलों की मेज़बानी के लिए पूरी ताकत के साथ तैयारी कर रहा है. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सरकार देश में बड़े खेल आयोजनों की मेज़बानी करके अधिक से अधिक खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा के बेहतर अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है.
वाराणसी में आयोजित 72वीं सीनियर राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने उभरते खिलाड़ियों को ओलंपिक खेलों से जोड़ने के प्रयासों पर प्रकाश डाला और ‘खेलो इंडिया’ जैसी योजनाओं को प्रतिभा निखारने में गेम-चेंजर बताया.
पीएम मोदी ने कहा, खेलो इंडिया अभियान के माध्यम से सैकड़ों युवाओं को राष्ट्रीय स्तर तक आगे बढ़ने का अवसर मिला है. भारत ने कई शहरों में 20 से अधिक बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेज़बानी की है. उन्होंने बताया कि टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बदल रही है, जिसके तहत युवा खिलाड़ियों को बेहतर बुनियादी ढांचा, वित्तीय सहायता और वैश्विक स्तर का अनुभव मिल रहा है.
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार ने खेल बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है और आज भारत का खेल मॉडल खिलाड़ी-केंद्रित बन चुका है, जिसमें प्रतिभा की पहचान, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, पोषण और पारदर्शी चयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि हर स्तर पर खिलाड़ियों के हित सुरक्षित रहें.
प्रधानमंत्री ने वाराणसी के एक प्रमुख खेल केंद्र के रूप में उभरने पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन शहर के खेल परिदृश्य के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है. अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा,
वॉलीबॉल हमें सिखाता है कि कोई भी जीत अकेले हासिल नहीं होती. हमारी सफलता हमारे समन्वय, आपसी विश्वास और टीम की तैयारी पर निर्भर करती है. हर किसी की एक भूमिका होती है, एक ज़िम्मेदारी होती है.