Sanat Seth Death: भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व गोलकीपर सनत सेठ का लंबी बीमारी के कारण निधन हो गया. 91 साल के सनत ने शुक्रवार की सुबह कोलकाता में अंतिम सांस ली. सनत 1954 एशियाई खेलों में भारतीय टीम का हिस्सा थे. पारिवारिक सूत्रों के अनुसार वह उम्र संबंधित समस्याओं से जूझ रहे थे. पिछले साल उनकी पत्नी का निधन हो गया था और उनका एक बेटा है.
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने सनत सेठ के निधन पर शोक व्यक्त किया है. पटेल ने कहा 'यह सुनकर बहुत दुख हुआ कि सेठ अब हमारे बीच में नहीं हैं. उनका भारतीय फुटबॉल के लिए अमूल्य योगदान हमेशा हमारे साथ रहेगा.'
एआईएफएफ महासचिव कुशल दास ने कहा, 'सेठ एक असाधारण गोलकीपर थे, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की. उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. उनकी आत्मा को शांति मिले.'
गोलपोस्ट के सामने अपनी कलाबाजियों के लिए मशहूर सेठ ने 1951 पूर्वोत्तर रेलवे एफसी के लिए फुटबॉल यात्रा की शुरुआत की. फिर वह साल 1951 में आर्यन क्लब के लिए खेलने लगे. साल 1957 में उन्होंने मशहूर क्लब ईस्ट बंगाल के लिए खेलने के बाद अगले साल मोहन बागान का रुख किया. सनत सेठ छह साल तक मोहन बागान क्लब के लिए खेले.
सनत साल 1954 में मनीला में हुए एशियाई खेलों की टीम का हिस्सा थे, लेकिन उन्हें शुरूआती एकादश में खेलने का मौका नहीं मिला था. सेठ 1949 से 1968 तक करियर में दो महान दिवंगत फुटबॉलर पीके बनर्जी और चुन्नी गोस्वामी के साथ खेले थे.
सनत सेठ 1953, 1954 और 1955 में चतुष्कोणीय कप जीतने वाली राष्ट्रीय टीम का भी हिस्सा रहे. घरेलू स्तर पर उन्होंने साल 1953 एवं 1955 में संतोष ट्रॉफी का खिताब जीता. हालांकि आर्यन क्लब के लिए लिए खेलने का वादा करने के बाद सेठ 1956 के हेलसिंकी ओलंपिक में खेलने से चूक गए.