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जिम्बाब्वे के साथ मैच से ठीक पहले टीम इंडिया की बढ़ी टेंशन, रिंकू सिंह के पिता की आई हेल्थ अपडेट

भारतीय खिलाड़ी रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह लिवर कैंसर के चलते ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं. उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. पिता की तबीयत बिगड़ने के कारण रिंकू ट्रेनिंग कैंप छोड़कर दिल्ली होते हुए अस्पताल पहुंचे. उनकी वापसी को लेकर संशय बना हुआ है.

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पिता के साथ रिंकू सिंह (Photo: ITG)
पिता के साथ रिंकू सिंह (Photo: ITG)

ग्रेटर नोएडा से भारतीय क्रिकेटर Rinku Singh के परिवार को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. उनके पिता खानचंद सिंह की तबीयत बेहद गंभीर बनी हुई है. वह इस समय क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती हैं और मैकेनिकल वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं. जानकारी के अनुसार उन्हें लगातार रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी दी जा रही है. खानचंद सिंह लिवर कैंसर से जूझ रहे हैं और हालत बिगड़ने के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है. फिलहाल उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है.

पिता की तबीयत अचानक बिगड़ने के कारण रिंकू सिंह को चेन्नई से रवाना होना पड़ा. वह 24 फरवरी को चेन्नई से दिल्ली पहुंचे और वहां से ग्रेटर नोएडा स्थित अस्पताल में भर्ती अपने पिता से मिलने गए. इसी वजह से वह चेन्नई टीम के ट्रेनिंग सेशन में शामिल नहीं हो सके.

लिवर कैंसर से जूझ रहे हैं रिंकू के पिता

रिंकू 23 फरवरी को चेन्नई पहुंचे थे, लेकिन एमए चिदंबरम स्टेडियम में भारत के ट्रेनिंग सत्र में नजर नहीं आए. बाकी सभी खिलाड़ी नेट सेशन के दौरान मौजूद थे. बताया गया कि 24 फरवरी की सुबह उन्होंने कैंप छोड़ दिया. अब तक खेले गए मुकाबलों में रिंकू का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है. उन्होंने अमेरिका के खिलाफ 6 रन, नामीबिया के खिलाफ 1 रन, पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 11 रन और नीदरलैंड्स के खिलाफ नाबाद 6 रन बनाए हैं.

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गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर भर्ती पिता खानचंद सिंह

पहले माना जा रहा था कि वह जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से बाहर रह सकते हैं, लेकिन अब उनकी वापसी की संभावना बेहद कम जताई जा रही है. बता दें कि रिंकू सिंह ने कड़ी मेहनत और तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए यूपी की टीमों, रणजी क्रिकेट, आईपीएल और फिर भारतीय टी20 टीम तक का सफर तय किया है. उनके इस संघर्ष भरे सफर में उनके पिता खानचंद सिंह की अहम भूमिका रही है. रिंकू का परिवार मूल रूप से बुलंदशहर जिले के दानपुर गांव का रहने वाला है. करीब 25 साल पहले उनके पिता रोजगार की तलाश में अलीगढ़ आकर बस गए थे. बुलंदशहर में आज भी उनका पुश्तैनी मकान मौजूद है.

 

 


 

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