भारत की दिग्गज बॉक्सर मैरी कॉम ने अपने जीवन के उस दौर के बारे में खुलकर बात की है, जिसे वह अपनी ज़िंदगी का सबसे बुरा हिस्सा बताती हैं. इस दौर में उन्हें दर्दनाक तलाक, आर्थिक तंगी और लगातार सार्वजनिक बदनामी का सामना करना पड़ा. मैरी कॉम ने कहा कि उन्हें अब बोलना ज़रूरी लगा क्योंकि उनकी चुप्पी को गलत तरीके से समझा जा रहा था.
क्या बोलीं मैरी कॉम
पीटीआई से बातचीत में मैरी कॉम ने कहा, 'मैंने जो कुछ भी हासिल किया, उसका क्या मतलब है?' उन्होंने बताया कि तमाम वैश्विक उपलब्धियों से भरे करियर के बावजूद यह दौर उन्हें अंदर से तोड़ गया. छह बार की वर्ल्ड चैंपियन और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मैरी कॉम ने बताया कि यह संकट 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले लगी चोट के बाद शुरू हुआ. वह कई महीनों तक बिस्तर पर रहीं और बाद में उन्हें वॉकर का सहारा लेना पड़ा. इसी दौरान उन्हें उन सच्चाइयों का सामना करना पड़ा, जिन्हें वह लंबे समय से नजरअंदाज करती आ रही थीं.
उन्होंने कहा, 'जब तक मैं प्रतिस्पर्धा कर रही थी और अपनी फाइनेंस में मेरी बहुत कम भागीदारी थी, तब तक सब ठीक था. लेकिन 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले चोट लगने के बाद मुझे एहसास हुआ कि मैं एक झूठी ज़िंदगी जी रही थी.'
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तलाक और भरोसे का टूटना
मैरी कॉम ने बताया कि इसी दौर में उनका अपने पति करुंग ओंखोलर पर से भरोसा उठ गया, जिनके साथ उनकी शादी को दो दशक से अधिक हो चुके थे. दोनों दो साल से ज्यादा समय पहले अलग हो गए थे और 2023 में उनका तलाक हो गया.
उन्होंने कहा, 'मैं नहीं चाहती थी कि यह पूरी दुनिया के लिए तमाशा बने, इसलिए मैंने कई बार आपसी तौर पर सुलझाने की कोशिश के बाद तलाक का फैसला लिया.उन्होंने बताया कि दोनों परिवारों को इस फैसले की जानकारी थी और उन्होंने इसे समझा भी, लेकिन हालात तब बिगड़ गए जब उनकी निजी ज़िंदगी से जुड़ी बातें मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर आने लगीं.
मैरी कॉम ने कहा, मुझे लालची कहा गया, ऐसे लोगों द्वारा जिन्हें यह तक नहीं पता कि मैं किन हालात से गुज़री हूं.
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अपनी जमीन से कब्जा खोया
मैरी कॉम ने आरोप लगाया कि उनके साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी हुई और उन्होंने अपनी ही कमाई से खरीदी गई ज़मीन का कब्ज़ा खो दिया. उनका दावा है कि उनकी संपत्ति और मणिपुर की ज़मीन पर लोन लिया गया, जिसे बाद में वसूली के लिए स्थानीय समूहों ने जब्त कर लिया. हालांकि, इसी रिपोर्ट में उनके पति करुंग ओंखोलर ने किसी भी तरह की गलत हरकत से इनकार किया है.
बच्चों के लिए खुद को संभालना
मैरी कॉम ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दर्दनाक बात यह थी कि सार्वजनिक तौर पर उनके चरित्र पर सवाल उठाए गए. उन्होंने कहा, मेरी उपलब्धियों का क्या मतलब रह गया? मैं अंदर से टूट चुकी हूं, लेकिन मुझे शोक मनाने की भी इजाज़त नहीं है.
मैरी कॉम ने साफ किया कि वह किसी तरह की पुलिस कार्रवाई नहीं चाहतीं और सिर्फ इतना चाहती हैं कि बदनामी का सिलसिला बंद हो. वह अब एंडोर्समेंट्स और सार्वजनिक कार्यक्रमों के ज़रिये अपनी आर्थिक स्थिति को दोबारा खड़ा कर रही हैं और भारतीय ओलंपिक संघ की एथलीट्स कमीशन में अपनी भूमिका भी निभा रही हैं.