
Aishwarya Pratap Singh Tomar Interview: एशियाई खेल 2023 भारत की झोली में एक के बाद एक मेडल आ रहे हैं. भारत के एशियन गेम्स में विजयी अभियान की शुरुआत हुई जब भारत ने शूटिंग में पहला गोल्ड जीत लिया. 10 मीटर एयर राइफल टीम में ऐश्वर्य प्रताप सिंह, रुद्रांक्ष बाला साहेब पाटिल, दिव्यांश सिंह पंवार की तिकड़ी ने एशियन गेम्स में 1893.7 स्कोर के साथ विश्व रिकॉर्ड हासिल कर मौजूदा एशियाई खेलों में देश को यह पहला स्वर्ण पदक दिलाया.
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के 22 वर्षीय निशानेबाज ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने देश को एक बार फिर गौरवान्वित कर दिया है. शूटर ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने एशियन गेम्स में 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में गोल्ड जिता कर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना लिया है. इससे पहले यह रिकार्ड चीन के नाम था. भारतीय टीम ने चीन से 0.4 अंक ज्यादा हासिल किए. साथ ही ऐश्वर्य ने व्यक्तिगत निशानेबाजी 10 मीटर राइफल में कांस्य पदक हासिल किया है.
10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में चीन के शेंग लिहाओ और दक्षिण कोरिया के हाजुन पार्क ने गोल्ड व सिल्वर मेडल जीता तो वहीं ऐश्वर्य प्रताप ने तीसरी स्थान हासिल किया. ऐश्वर्य ने लक्ष्य पर दो और प्रयास करके 228.8 का स्कोर हासिल किया. आने वाले दिनों में ऐश्वर्य एशियन गेम्स के 50 मीटर इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले हैं.
Aajtak.in से खास बातचीत में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने बताया, 'यह मेरे लिए बेहद गर्व की बात है कि एशियन गेम्स में हमने देश को गोल्ड मेडल दिलाया है. अब मैं 50 मीटर राइफल इवेंट में अपना बेस्ट देना चाहता हूं. इसके लिए मैंने पूरी तैयारी की है. मैं बस अपना बेस्ट देने की कोशिश करता हूं, जो मैं 8 साल से शूटिंग में टेक्निक यूज करता आ रहा हूं, यहां भी मैं उसी के साथ 50 मीटर में भाग लूंगा.'
एशियन गेम्स की फुल कवरेज के लिए क्लिक करें

ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने अब तक व्यक्तिगत स्पर्धा में 7 और टीम इवेंट में 12 गोल्ड मेडल जीत चुके हैं. ऐश्वर्य ने आईएसएसएफ शूटिंग वर्ल्ड कप में 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन स्पर्धा में दो बार स्वर्ण पदक जीते हैं. ऐश्वर्य ने साल 2021 में दिल्ली में हुए विश्व कप में पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन इवेंट में 462.5 के स्कोर के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया.
2019 में आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप के 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन इंवेंट में ऐश्वर्य ने गोल्ड मेडल जीता. इसके बाद एशियन शूटिंग चैंपियनशिप के लिए उन्हें चुना गया, दोहा में उन्होंने 1168 प्वाइंट हासिल कर फाइनल में प्रवेश कर ओलंपिक कोटा हासिल किया. 15 साल की उम्र में ही ऐश्वर्य ने मध्य प्रदेश स्टेट शूटिंग अकादमी भोपाल में प्रक्षिशण शुरु कर दिया था और यहां से उनके शूटिंग के सफर की शुरुआत हुई.
भाई ने सिखाई ऐश्वर्य को शूटिंंग
ऐश्वर्य बताते हैं, 'मैंने कभी शूटिंग में आने का नहीं सोचा था पर मैं पढ़ाई में अच्छा नहीं था और फिर मेरे परिवार को लगा कि इसे किसी स्पोर्टस् में एडमिशन दिला देते हैं और मेरे बड़े भाई नवदीप सिंह राठौर जो कि खुद अंतरराष्ट्रीय शूटर हैं, उन्होंने मुझे शूटिंग सिखाई, मुझे सपोर्ट किया. 2015 में प्रोफेशनल लेवल पर मैंने शूटिंग करना शुरू किया, जिसके बाद स्टेट, नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर मैंने कई प्रतिस्पर्धा में भाग लिया. एशियन गेम्स के बाद मेरा फोकस पेरिस ओलंपिक पर रहेगा, जिसमें मेडल लाना मेरा सपना है."
शूटिंग के बारे में ऐश्वर्य कहते हैं कि शूटिंग एक ऐसा स्पोर्ट है जिसमें आपको कंसिस्टेंट रहना बेहद जरुरी है. जितनी ज्यादा आप प्रैक्टिस करेंगे उतना ज्यादा आप अपने खेल में निखरेंगे. साथ ही एक शूटर में धैर्य और संतुलन होना जरूरी होता है. इस खेल में फिजिकल फिटनेस से ज्यादा मेंटल फिटनेस जरूरी होती है. एंड्यूरेंस पावर को बनाए रखने के लिए मैं टेबल टेनिस खेलता हूं जिससे मुझे शूटिंग में फोकस रहने में मदद मिलती है. इसके साथ ही रेगुलर वर्कआउट और रनिंग भी करता हूं.
ऐश्वर्य के रोल मॉडल हैं विराट कोहली
आगे ऐश्वर्य बताते हैं, 'शूटिंग और टेबल टेनिस के साथ मुझे क्रिकेट में भी काफी दिलचस्पी है. मेरे फेवरेट क्रिकेटर और रोल मॉडल विराट कोहली हैं. उनका गेम में कंसिस्टेंट रहना मुझे बहुत इन्फ्लुएंस करता है. मुझे एक बार उनके साथ वीडियो कॉल पर बात करने का मौका मिला था और वो पल मेरे लिए बेहद खास था.'