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IPL 2022: पाकिस्तान से मैनेज हो रहे थे IPL मैचों के नतीजे? सट्टेबाजी पर CBI ने लिया एक्शन

सीबीआई ने आईपीएल 2019 में कथित सट्टेबाजी को लेकर दो एफआईआर दर्ज किए हैं. सीबीआई के मुताबिक सट्टेबाजों ने पाकिस्तान से प्राप्त इनपुट के आधार पर आईपीएल मैचों के परिणाम को प्रभावित करने की कोशिश की.

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IPL Trophy (@IPL) IPL Trophy (@IPL)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सट्टेबाजी नेटवर्क में सामने आया PAK का नाम
  • सीबीआई ने दर्ज की दो एफआईआर

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2019 में मैच फिक्सिंग एवं सट्टेबाजी को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है. शनिवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पाकिस्तान से जुड़े फिक्सिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो एफआईआर दर्ज की हैं. ये एफआईआर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आईपीसी की जालसाजी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुए हैं.

गलत तरीके से खोले गए बैंक खाते

सीबीआई ने एफआईआर में कहा, 'पाकिस्तान से प्राप्त इनपुट के आधार पर इंडियन प्रीमियर लीग मैचों के परिणाम को प्रभावित करने वाले क्रिकेट सट्टेबाजों के नेटवर्क के बारे में विश्वसनीय जानकारी प्राप्त हुई है.'

आगे लिखा गया है कि आईपीएल मैचों से संबंधित सट्टेबाजी की आड़ में वे आम लोगों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे थे. इस उद्देश्य के लिए उन्होंने फर्जी पहचान-पत्र का उपयोग करके बैंक खाते खोले है. ये बैंक खाते फर्जी विवरण- जैसे जन्म की तारीख और बैंक अधिकारियों द्वारा उचित जांच के बिना खोले गए.

पाकिस्तानी नागरिक के संपर्क में थे सट्टेबाज

सीबीआई के अनुसार आरोपी लोग वकास मलिक नाम के एक पाकिस्तानी नागरिक के संपर्क में थे, जिसका नंबर प्रारंभिक जांच के दौरान पहले ही प्राप्त कर लिया गया है. एजेंसी की पहली प्राथमिकी में तीन लोगों दिलीप कुमार (दिल्ली), गुरराम सतीश और गुरराम वासु (दोनों हैदराबाद) का नाम लिया गया है, जिनका नेटवर्क 2013 से सट्टेबाजी में शामिल है. सीबीआई ने आरोप लगाया है कि आरोपी के खाते में लगभग 10 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था.

एक सरकारी अधिकारी भी शामिल

शुक्रवार को दर्ज की गई दूसरी प्राथमिकी में केंद्रीय एजेंसी ने सज्जन सिंह, प्रभु लाल मीणा, राम अवतार और अमित कुमार शर्मा को नामजद किया है. ये चारों लोग राजस्थान से तालुल्लक रखते हैं. दूसरे एफआईआर में 2010 से आईपीएल क्रिकेट सट्टेबाजी में सक्रिय एक अज्ञात सरकारी अधिकारी और दूसरे निजी लोगों को नामजद किया गया है.


 

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