
दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाजों में शुमार विराट कोहली एक ऐसे दौर से गुजर रहे हैं, जहां से उनके करियर का ग्राफ नीचे सरकता जा रहा है. इससे न सिर्फ क्रिकेट की दुनिया के उनके करोड़ों प्रशंसक निराश हैं, बल्कि खुद कोहली भी 'सन्न' हैं. कप्तानी को अलविदा कहने के बाद वह इस बार सिर्फ और सिर्फ बल्लेबाजी पर फोकस करने के लिए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में उतरे थे, लेकिन अब तक कुछ भी बदला हुआ नजर नहीं आया. वह अपनी लय हासिल करने के लिए लगातार जूझते दिख रहे हैं.
एक वो भी दौर था, जब विराट कोहली का विकेट हासिल करना किसी गेंदबाज का सपना होता था. लेकिन अब विराट जिस तरह से अपना विकेट गंवा रहे हैं उसे देख वह भी खुद पर हंसते नजर आते है. तभी तो पूर्व कैरेबियाई क्रिकेटर और कमेंटेटर इयान बिशप को कहना पड़ा कि अलग-अलग तरह के गेंदबाज उन्हें आउट कर रहे हैं. वह गेंदबाजों पर हावी नहीं हो पा रहे हैं. इतना ही नहीं कोहली स्पिनरों के खिलाफ संघर्ष करते नजर आ रहे हैं.
विकेट पर टिक नहीं पा रहे विराट
बिशप ने इतना तक कहा डाला कि शुरुआती 10-15 रनों की पारी के दौरान वह गेंद के बराबर रन नहीं बना पा रहे हैं और वह ऐसा करने की ललक भी नहीं दिखा रहे हैं. उन्होंने साफ कहा कि पारी की शुरुआत में इतनी गेंद खेलने के बाद आप तेजी से रन नहीं बना पाते हैं तो आपको अपनी पारी लंबी खींचनी होगी. अगर आप लंबी पारी नहीं खेलते तो यह टीम के लिए मुश्किल स्थिति होगी. सच्चाई यह भी है कि पिछले आईपीएल में भी विराट के साथ ऐसा ही हो रहा था. वह महज 28.92 की औसत से रन बना पाए थे.

इस बार अब तक 19.63 का एवरेज
अब जरा कोहली के मौजूदा आईपीएल के आंकड़ों पर नजर डालते हैं. वह इस सीजन में अब तक 12 मैचों में सिर्फ 19.63 की औसत से रन बना पाए हैं. उनके बल्ले से अब तक 216 रन ही निकले हैं, जिसमें महज एक अर्धशतक शामिल है. और तो और इस दौरान उन्होंने तीन बार पहली ही गेंद (गोल्डन डक) पर अपना विकेट खो दिया. आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा रन (6499) बनाने वाले विराट इस बार उम्मीदें जगा तो रहे हैं, पर मारक फॉर्म हासिल नहीं कर पा रहे, जिसके लिए वह मशहूर हैं. आईपीएल 2022 में उनकी पारियों (नाबाद 41 12, 5, 48, 1, 12, 0, 0, 9, 58, 30, 0) से ऐसा साबित होता है कि विराट का आत्मविश्वास उनके साथ नहीं है. इतने फिट माने जाने वाले विराट दो बार रन आउट भी हो चुके हैं.
विराट जरूर एक संकल्प के साथ मैदान पर उतरे होंगे कि वह इस बार आरसीबी को चैम्पियन बनाकर ही दम लेंगे. लेकिन उनका बल्ला इसी तरह टीम को दबाव में लाता रहा तो बेंगलुरु की टीम के लिए खिताबी दौड़ में शामिल होना मुश्किल हो जाएगा. टीम ने अब तक 12 में 7 मैच जीते हैं और टॉप-4 में शामिल है. लेकिन आगे का सफर उतना आसान नहीं होने वाला, दिल्ली कैपिटल्स और सनराइजर्स हैदराबाद की टीमें अंकतालिका में ऊपर चढ़ने के लिए बेताब नजर आ रही हैं.
तो क्या विराट रेस्ट पर चले जाएं?
कहा जा रहा है कि विराट को लंबे ब्रेक पर जाना चाहिए. लेकिन एक बड़े क्रिकेटर के लिए बीच आईपीएल से खुद को वापस ले लेना उतना आसान नहीं. विराट जैसे जुझारू खिलाड़ी के लिए अच्छा तो यह होगा कि वह पिच पर कारनामा कर दिखाएं, जिसके लिए वह जाने जाते हैं. भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) सूत्रों की मानें तो विराट से पूछा गया है कि वह आईपीएल के बाद ही शुरू होने वाली साउथ अफ्रीका सीरीज के लिए उपलब्ध रहेंगे या नहीं. ऐसे में विराट के लिए अच्छा यह होगा कि वह टीम से खुद को अलग नहीं करें. टीम इंडिया में बने रहने के लिए अपने पुराने प्रदर्शन को दोबारा जिंदा करें.
सच तो यह है कि मौजूदा आईपीएल के पहले से ही विराट का लचर फॉर्म उनके प्रशंसकों को परेशान करता आ रहा है. आंकड़े गवाह हैं कि नवंबर 2019 में शतक (कोलकाता टेस्ट) जमाने के बाद से विराट कोहली ने अब 63 इंटरनेशनल (टेस्ट+वनडे+टी20 इंटरनेशनल) मैचों खेले हैं. इस दौरान 73 पारियों में उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 94 रन रहा. वह अपनी लय में नजर नहीं आए और 37.54 का ही एवरेज रहा.