फुटबॉल मैच में दो टीमों के खिलाड़ियों के बीच हल्की-फुल्की धक्का मुक्की आपने जरूर देखी होगी. लेकिन रशियन कप में रविवार (27 नवंबर) को एक मैच के दौरान जो वाकया हुआ उसने फुटबॉल जगत को शर्मसार करके रख दिया. यह पूरा वाकया जेनिट सेंट पीटर्सबर्ग और स्पार्टक मास्को के बीच क्रेस्टोवस्की स्टेडियम में हुए मुकाबले के दौरान हुआ. इस मुकाबले में दोनों टीमों के ही खिलाड़ियों और कोचों ने खेल भावना को ताक पर रख दिया और जमकर मारपीट हुई.
पूरे विवाद की शुरुआत मुकाबले के इंजरी टाइम (90+ मिनट) में हुई. स्पार्टक मास्को फ्री-किक ले रही थे, तभी टीम के फॉरवर्ड क्विंसी प्रॉम्स और जेनिट सेंट पीटर्सबर्ग के मिडफील्डर विल्मर बैरियोस ने आपस में कंधे टकराए और कुछ शब्दों का आदान-प्रदान किया. फिर क्या था, दोनों टीमों के खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ लड़ाई करने के लिए इकट्ठा हो गए.
जेनिट सेंट पीटर्सबर्ग के रोड्रिगाओ प्राडो को रेफरी के सामने ही स्पार्टक के खिलाड़ियों पर लात मारते हुए देखा गया. इसके साथ ही स्पार्टक के सब्स्टीट्यूट प्लेयर अलेक्जेंडर सोबोलेव भी मुक्केबाजी का मैच समझकर एक्शन में आ गए. इसके अलावा भी बाकी खिलाड़ियों की भी यही स्थिति थी. रूसी ब्रॉडकास्टर मैच टीवी का इस विवाद से जुड़ा फुटेज सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और अबतक लाखों लोग इसे देख चुके हैं.
Que loucura!
O pau quebrou em Zenit e Spartak pela Copa da Rússia hoje.
Seis jogadores expulsos, entre eles os brasileiros Malcom e Rodrigão. pic.twitter.com/ZhkMyY0x9N— Fábio Aleixo (@fabiopaleixo) November 27, 2022
रेफरी ने दिखाए 6 खिलाड़ियों को रेड कार्ड
मैच रेफरी व्लादिमीर मोस्कलेव ने शुरू में तो मामले को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन सारी चीजें उनके नियंत्रण से बाहर निकल गई थीं. हालांकि रेफरी ने कुल छह खिलाड़ियों को रेड कार्ड दिखाए, जिसमें दोनों ही टीमों के तीन-तीन प्लेयर्स शामिल थे. मैल्कम, बैरियोस और रोड्रिगो ने मेजबान टीम जेनिट सेंट पीटर्सबर्ग के लिए लाल रंग देखा.वहीं स्पार्टक के अलेक्सांद्र सोबोलेव, शमर निकोलसन और अलेक्सांद्र सेलिखोव को रेड कार्ड दिखाया गया. चौंकाने वाली बात यह रही कि जिन खिलाड़ियों को रेड कार्ड दिखाया गया था वे बेंच पर थे और घटना के समय सक्रिय रूप से मुकाबले का पार्ट नहीं थे.
जेनिट ने पेनल्टी शूटआउट में मुकाबला
मुकाबले की बात करें तो बाद में यह पेनल्टी शूटआउट में गया, जहां मेजबान टीम जेनिट सेंट पीटर्सबर्ग ने 4-2 से जीत हासिल करके अगले राउंड में प्रवेश किया. अच्छी बात ये थी कि दोनों टीमों के पास पेनल्टी शूटआउट के लिए पर्याप्त खिलाड़ी थे. मैच का नतीजा भले ही पेनल्टी शूटआउट के जरिए निकल गया हो लेकिन जो तमाशा देखने को मिला वह वाकई निराशाजनक था.