अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने शनिवार, 24 जनवरी को यह साफ किया कि उसने टी20 विश्व कप 2026 से बांग्लादेश को हटाकर स्कॉटलैंड को क्यों शामिल किया. आईसीसी ने बताया कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टूर्नामेंट के वेन्यू को भारत से श्रीलंका स्थानांतरित करने की मांग की थी और कहा था कि वह अपनी टीम को भारत नहीं भेजेगा.
आईसीसी और बीसीबी के बीच इस मुद्दे पर लंबे समय तक बातचीत चली. मामला तब और गंभीर हो गया जब आईसीसी ने साफ कर दिया कि वह पहले से तय कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं करेगा. इसके बाद बांग्लादेश अपने रुख पर अड़ा रहा और आधिकारिक तौर पर टूर्नामेंट के बहिष्कार का ऐलान कर दिया. विवाद समाधान समिति में की गई अपील भी सफल नहीं रही और अंत में आईसीसी ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल करने का फैसला लिया.
अब आईसीसी ने एक विस्तृत बयान जारी कर अपने फैसले के पीछे की वजह बताई है.
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आईसीसी ने बांग्लादेश को क्यों हटाया?
आईसीसी ने कहा कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड द्वारा भारत में मैच खेलने को लेकर उठाई गई सुरक्षा चिंताओं की गहराई से समीक्षा की गई. पिछले तीन हफ्तों में आईसीसी और बीसीबी के बीच कई दौर की बातचीत हुई.
आईसीसी ने यह भी बताया कि उसने आंतरिक और बाहरी विशेषज्ञों की मदद से स्वतंत्र सुरक्षा आकलन करवाया. इन आकलनों के बाद आईसीसी इस नतीजे पर पहुंची कि बांग्लादेश टीम, उसके अधिकारियों या समर्थकों के लिए भारत में कोई ठोस या प्रमाणित सुरक्षा खतरा नहीं है. इसी वजह से बीसीबी की मांगों को स्वीकार नहीं किया गया.
आईसीसी ने कहा कि आईसीसी बिजनेस कॉरपोरेशन (IBC) ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को 21 जनवरी तक टूर्नामेंट में भागीदारी की पुष्टि करने की अंतिम समयसीमा दी थी. लेकिन तय समय तक बीसीबी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद आईसीसी ने स्कॉटलैंड को रिप्लेसमेंट टीम के रूप में शामिल करने का फैसला किया.
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खतरे की बात से आईसीसी का इनकार
आईसीसी के बयान में कहा गया, 'आईसीसी के आकलन में यह सामने आया कि भारत में बांग्लादेश की राष्ट्रीय टीम, अधिकारियों या समर्थकों के लिए कोई विश्वसनीय या प्रमाणित सुरक्षा खतरा नहीं है. इन निष्कर्षों और व्यापक प्रभावों को ध्यान में रखते हुए आईसीसी ने तय किया कि पहले से घोषित कार्यक्रम में बदलाव करना उचित नहीं होगा. टूर्नामेंट की निष्पक्षता, कार्यक्रम की पवित्रता और सभी टीमों व प्रशंसकों के हितों की रक्षा करना जरूरी था.'
बयान में आगे कहा गया, 'बुधवार को हुई बैठक के बाद आईबीसी बोर्ड ने बीसीबी से 24 घंटे के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा कि वह तय कार्यक्रम के अनुसार टूर्नामेंट में भाग लेगा या नहीं. निर्धारित समय में कोई पुष्टि नहीं मिलने पर आईसीसी ने अपने स्थापित नियमों और क्वालिफिकेशन प्रक्रिया के तहत रिप्लेसमेंट टीम को शामिल किया.'
इसलिए स्कॉटलैंड को मिला मौका
आईसीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि स्कॉटलैंड वह सबसे ऊंची रैंक वाली टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम है, जो पहले टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाई थी. स्कॉटलैंड की मौजूदा टी20आई रैंकिंग 14 है. जो नामीबिया, यूएई, नेपाल, अमेरिका, कनाडा, ओमान और इटली जैसी कई टीमों से बेहतर है.
इस फैसले के साथ स्कॉटलैंड छठी बार टी20 विश्व कप खेलेगा और उसे ग्रुप C में इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, इटली और नेपाल के साथ रखा गया है.